मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की दो टूक, सदन में जिम्मेदारी से पेश आए विपक्ष
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विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन सदन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष पर तीखे शब्दों से प्रहार किया। दरअसल, कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री धारा 118 के नियमों में संशोधन की बात कहकर भाजपा सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बाहरी राज्यों को जमीन बेचने की फिराक में है। विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि विपक्ष के लोग सुर्खियों में रहना चाहते हैं, इसलिए वाकआउट किया है। जनता जानती है कि किसने हिमाचल की जमीनें बेची हैं।
धारा 118 पर सीएम ने दिया ये बयान
उन्होंने आगाह किया कि विपक्ष सदन में बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाए। जो कुछ किया नहीं है, उस पर विपक्ष का चर्चा मांगना ठीक नहीं है। शुरुआत हमने नहीं, उन्होंने की है।
उधर बैठे लोगों का पूरा चिट्ठा हमारे पास है। परतें खुलेंगी तो सब सामने आएगा। वर्ष 1976 में धारा - 118 पर कानून बना था। तब से इसके नियमों में सरलीकरण होता रहा है।
लेकिन हमने ऐसा कुछ नहीं किया। अभी यह भी पता नहीं है कि धारा 118 में क्या संशोधन किया जाना है। अगर इस तरह की संभावना बनती भी है तो इसमें जनता से पूछा जाएगा, विपक्ष की भी राय ली जाएगी।
जयराम की सदन में पढ़ी पूर्व सीएम वीरभद्र की बजट स्पीच
जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 1995 में धारा -118 में संशोधन किया गया। उसके बाद 28 दिसंबर, 1996 और फिर वर्ष 2011-12 में भाजपा सरकार के कार्यकाल में इसमें संशोधन किया गया। ...
विपक्ष के ऑकआउट के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बजट स्पीच पढ़ी। उन्होंने सदन में अवगत कराया कि वर्ष 2014-15 में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धारा - 118 में संशोधन कर सरलीकरण की बात कही है।