आश्रय के लिए प्रचार किया तो जाएगी अनिल की विधायकी : जयराम
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अनिल शर्मा का मंत्रीपद से इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। लेकिन वह अभी भी भाजपा के सदस्य हैं। अगर वह भाजपा के खिलाफ जाकर मंडी संसदीय सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अपने बेटे आश्रय के लिए प्रचार करते हैं तो उनका विधायक पद और सदस्यता भी जाएगी। शुक्रवार को मंडी के सराज के थाची में भाजपा अनुसूचित जाति सम्मेलन में सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा नियमानुसार अनिल शर्मा के खिलाफ एंटी डिफेक्शन लॉ के तहत कार्रवाई करेगी।
हालांकि, आचार संहिता खत्म होने के बाद विधानसभा में ही एंटी डिफेक्शन लॉ लाया जा सकता है, जिसमें विस अध्यक्ष का फैसला सर्वमान्य होता है। उन्होंने कहा कि त्यागपत्र का फैसला अनिल शर्मा के विवेक पर छोड़ा था। उन्हें पहले ही त्यागपत्र दे देना चाहिए था। ऐसे मंत्री की सरकार को जरूरत नहीं जो अपने करीबियों को कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार करने के लिए दबाव बना रहा हो।
यह है एंटी डिफेक्शन लॉ
अधिवक्ता समीर कश्यप के अनुसार आठवीं लोकसभा के चुनावों के बाद 1985 में संसद के दोनों सदनों ने सर्वसम्मति से 52वां संशोधन विधेयक पारित कर राजनीतिक दलबदल पर कानूनी रोक लगा दी। इसे संविधान की दसवीं अनुसूची में डाला गया। मोटे तौर पर 52वें संविधान संशोधन के इस विधयेक में सदस्यता समाप्त करने के प्रावधान किए गए।
यदि दल बदलने वाला स्वेच्छा से अपने दल से त्यागपत्र दे या वह अपने दल या उसके द्वारा अधिकृत व्यक्ति की अनुमति के बिना सदन में उसके किसी निर्देश के प्रतिकूल मतदान करे या मतदान में अनुपस्थित रहे या उसके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के तथ्य हों तो 15 दिनों सदस्यता समाप्त होगी। इसमें किसी भी न्यायालय को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होगा।