सीएम जयराम बोले- पंजाब पे कमीशन लागू करने पर करेंगे विचार
- मुख्यमंत्री बोले- एनपीएस के लिए क्या बेहतर कर पाएं, यह भी देखा जा रहा
- फतेहपुर उपचुनाव की तारीख घोषित होने के बाद आगे बढ़ाएंगे प्रचार अभियान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पंजाब पे कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा। सीएम फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान फतेहपुर में पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के लिए क्या बेहतर कर पाएं, यह भी देखा जाएगा। फतेहपुर उपचुनाव की तारीख तय होने के बाद ही चुनाव प्रचार आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों और बढ़ती महंगाई से आमजन का परेशान होना स्वाभाविक है। ऐसा नहीं कि पहले की सरकारों के समय में महंगाई नहीं बढ़ी। फिर भी सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रयासरत है।
कहा कि पिछले तीन साल का भाजपा सरकार का कार्यकाल कोविड संकट के बावजूद बेहतर रहा। सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकास की गति को समान रूप से अंजाम दिया गया। विधानसभा, लोकसभा, पंचायत, बीडीसी व जिला परिषद चुनावों में उनके प्रत्याशियों की जीत से इसका प्रत्यक्ष प्रमाण देखने को मिला।
जनमंच सरकार की एक अलग योजना है। सरकार घर-द्वार पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने में सफल रही है। कहा कि कोरोना मामलों में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में हर नागरिक को सावधानी बरतने की जरूरत है।
धनवान ही नहीं, गरीब का बेटा भी चला सकता है प्रदेश
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में कहा कि पिछले तीन वर्षों में कहा जाता था कि प्रदेश चलाना आसान नहीं है। हम इस बात से सहमत हैं कि प्रदेश चलाना इतना आसान नहीं है, लेकिन ऐसे लोगों के मन से भ्रम को निकालने के लिए हमें तीन वर्ष लगे। प्रदेश को धनवान ही नहीं, गरीब परिवार का बेटा भी चला सकता है। प्रदेश को चलाने के लिए और भी सक्षम लोग प्रदेश में नेतृत्व के लिए मौजूद हैं।
जो लोग अपने ही परिवार की बातें करते रहते हैं, जैसे बाप बेटे की तारीफ करते नहीं थकता तथा बेटा बाप की तारीफ किए बिना नहीं रह सकता है। ऐसी कोई स्थिति नहीं है। मैं एक गरीब परिवार से संबंधित हूं तथा मेरे परिवार से न कोई राजनीति में था और न ही आगे कोई होगा। कहा कि मैंने गरीबी को करीब से देखा है। हल चलाकर तथा मजदूरी कर अपने परिवार का सहयोग किया है। जमीन से जुड़ा हूं।
उन बीते दिनों में किए कार्यों का अनुभव अब प्रदेश को विकास की ओर ले जाने के काम आ रहा है। विश्व, देश और प्रदेश में कोरोना महामारी जैसे अदृश्य वायरस से इतनी गंभीर परिस्थितियों में प्रदेश को जनता के सहयोग से संभाल कर चलाया तथा प्रदेश में अब इतने विकासशील कार्य करवा कर सबका मुंह बंद करवा दिया है। प्रदेश की जनता का धन्यवादी हूं कि उन्होंने मेरे जैसे गरीब परिवार से संबंधित को मुख्यमंत्री बनाकर उन सभी विरोधियों को जवाब दे दिया है।