वीर सपूतों की बदौलत खुली हवा में सांस ले रहे देशवासी: सीएम
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युद्ध स्थल पर जान की कुर्बानी देने वाले शहीदों की वजह से ही देशवासी खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकता। कारगिल युद्ध की चुनौती में भी देश के जवानों ने अदम्य साहस और पराक्रम की मिसाल कायम की। इसमें हिमाचल जैसे छोटे से प्रदेश के वीरों की शौर्यगाथा को विशेष रूप से याद किया जाता है। बिलासपुर में कारगिल विजय दिवस पर आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में ये बातें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहीं।
उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध को अगले साल बीस बरस हो जाएंगे। हम हर साल उन्हें बड़े उत्साह से याद करते हैं। कारगिल युद्ध में हिमाचल के दो रणबांकुरों को परमवीर चक्र का सम्मान मिला। इनमें शामिल कैप्टन विक्रम बत्रा को मरणोपरांत सम्मान दिया गया। शहीदों के परिवार इस दिन अपनों को खोने की टीस नहीं भूल सकते।
बिलासपुर में निर्माणाधीन शहीद स्मारक के लिए सीएम ने कहा कि यह परियोजना लोगों और समाज की है, जिसमें बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। सरकार के ग्यारह मंत्री 11-11 हजार रुपये जबकि भाजपा विधायक 5100-5100 रुपये का वित्तीय योगदान करेंगे। अन्य लोग भी यथाशक्ति सहयोग करें। जो वित्तीय सहयोग न कर सकें वे श्रमदान करें।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने हिमाचल से कारगिल युद्ध में शहीद 52 सैनिकों समेत विभिन्न युद्धों में जान की कुर्बानी देने वाले प्रदेश के 1100 रणबांकुरों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वहीं डोगरा रेजिमेंट की एक टुकड़ी ने प्रदेश के शहीदों को शस्त्र उल्टे कर सलामी दी। श्रद्धांजलि समारोह के दौरान उपस्थिति लोग भी भावुक हो गए। इस मौके पर दो मिनट का मौन भी रखा गया।
पूर्व सैनिक कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। जिसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सेना की गार्ड का निरीक्षण कर सलामी ली। सूबेदार प्रकाश चंद ने कहा, मई 1999 में चार जाट रेजिमेंट के कांगड़ा निवासी कैप्टन सौरभ कालिया की शहादत के साथ कारगिल युद्ध शुरू हुआ था।
जिसे देश के सपूतों ने अपनी बहादुरी से जीत लिया। कारगिल युद्ध स्थल पर आज भी कैप्टन विक्रम बत्रा और अन्य जवानों की शौर्यगाथा गूंजती है। इस युद्ध में प्रदेश के रणबांकुरों को दो परमवीर चक्र, चार वीर चक्र, पांच सेना मेडल से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नौ डोगरा रेजिमेंट की गार्ड के कार्य की प्रशंसा कर उन्हें सम्मानित भी किया।