जयराम बोले- वीरभद्र का प्रदेश के विकास में रहा बड़ा योगदान, प्रखर ढंग से रखते थे बात
जयराम ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह से मिलने पर किसी शख्सियत से मुलाकात की अनुभूति होती थी। वे एक अच्छे इंसान थे। नेता के रूप में देश भर में अपनी पहचान बनाई। छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन की खबर सुनते ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर गुरुवार सुबह 11 बजकर 17 मिनट पर हॉलीलॉज पहुंचे। ठाकुर ने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से उनके बहुत नजदीक भी रहा। हालांकि, वैचारिक रूप में हम सत्ता और विपक्ष के दो हिस्से रहे। विधानसभा के अंदर जब गरमागरमी होती थी तो माहौल को शांत करने में वे अहम भूमिका निभाते थे। प्रदेश के विकास में उनका बड़ा योगदान है। उन्हें मजबूत नेतृत्व के रूप जाना जाता रहेगा।
जब मेरा हाथ पकड़कर गाड़ी में बैठा लिया
मेरे विधानसभा क्षेत्र में आना हुआ, मैं विधायक के नाते अभिनंदन करने पहुंचा। जंजैहली में उन्होंने पूछा आप कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं, मैंने कहा कि आपकी पार्टी में अलग आयोजन किया है मुझे जाना चाहिए, उन्होंने हाथ पकड़कर गाड़ी में बैठाया और कहा - आप चल रहे हैं। मैने गाड़ी में पूछा, आप मुझे बोलने का मौका तो नहीं देंगे तो उन्होंने कहा कि आप बोलेंगे। मैंने समस्याएं उनके सामने उठाईं। साथ भोजन भी किया।
जब कसके लगाया गले वीरभद्र ने
सीएम जयराम ठाकुर ने वीरभद्र सिंह की बेटी की शादी के वाक्या को याद करते हुए बताया - हम बधाई देने पीटरहॉफ गए तो उन्होंने कसके मुझे गले लगाया। इसकी बाद में फोटो भी वायरल हुई। उन्होंने अपने संबंधियों से मेरा परिचय करवाया, मेरे बारे में कहा कि ये अलग आदमी है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने भी कहा कि कांग्रेस ही नहीं, यह पूरे प्रदेश और देश की क्षति है। हमने एक कद्दावर नेता खोया है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। एक बार उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर कहा कि ये अपना बच्चा है, थोड़ा बोलता कम है, तो मैंने कहा, मैं बोलता हूं सर। फिर वे हाथ पकड़ कर हंसने लगे, मेरी पीठ थपथपाई।
भाजपा अच्छी नहीं, पर जयराम तुम अच्छे हो
इसे स्वर्गीय वीरभद्र का प्यार समझा जाए या उनका अनुराग। सीएम जयराम ठाकुर से वीरभद्र सिंह का गहरा नाता रहा है। वीरभद्र सिंह बतौर सीएम जब भी सराज दौरे पर आते थे तो प्रोटोकाल के हिसाब से जयराम वीरभद्र सिंह के आदर सत्कार में कोई कमी नहीं रखते थे और न ही वीरभद्र सिंह उन्हें छोड़ते थे। दोनों में पार्टी से उठकर कुछ अनुराग रहा कि हर कोई उनके स्नेह का कायल हो गया था।
सराज की जनसभाओं में वीरभद्र सिंह बतौर सीएम जयराम को कहा करते थे कि जयराम भाजपा अच्छी नहीं पर तुम अच्छे हो। इससे जयराम ठाकुर भी वीरभद्र सिंह को अपना आदर्श मानते रहे हैं। जब जयराम सीएम बने तो वीरभद्र सिंह ने अपने बयान में जयराम को ईमानदार सीएम की संज्ञा दी थी। मुख्यमंत्री बनते ही जयराम ने हॉलीलॉज पहुंचकर वीरभद्र से मिले, चंडीगढ़ पीजीआई वीरभद्र के लिए हेलीकाप्टर भेजना वीरभद्र सिंह और जयराम की अनुरक्ति के प्रमाण हैं।