नशे के खिलाफ ऐसे लड़ी जाएगी लड़ाई, सीएम जयराम ने किया आह्वान
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने टांडा मेडिकल कॉलेज के दीक्षांत समारोह में डॉक्टरों से एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा नई पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर लड़ाई लड़नी होगी।
सीएम ने कहा कि उन्होंने इस लड़ाई को लड़ने के लिए उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से सहयोग मांगा है। सभी ने सहयोग के लिए आश्वस्त किया है। हम चारों मुख्यमंत्री नशे के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाएंगे।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के सहयोग से हिमाचल में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ हुई हैं। राज्य में अकेले सरकारी क्षेत्र में 6 मेडिकल कॉलेज हैं। केंद्र सरकार ने राज्य के लिए एम्स स्वीकृत किया है, जिसे बिलासपुर जिला के कोठीपुरा में खोला जाएगा।
इन सभी प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से राज्य हर वर्ष 600 चिकित्सक तैयार करेगा और राज्य के लोगों की सेवा के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उत्कृष्ट चिकित्सक उपलब्ध होंगे।
दवाइयों पर आधारित न रहें डॉक्टर : राज्यपाल
हिमाचल हालांकि छोटा राज्य है और देवभूमि के नाम से जाना जाता है, लेकिन अब इसे वीरभूमि के नाम से भी जाना जाने लगा है। देश के प्रथम परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा भी हिमाचल से थे और कारगिल युद्ध के दौरान वीर सिपाहियों द्वारा प्राप्त किए चार परमवीर चक्रों में दो राज्य के वीर सपूतों ने हासिल किए हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मेडल जीतने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को बधाई दी।
कहा कि किसी भी शिक्षित व्यक्ति का पहला और सबसे बड़ा गुण जीवन भर सीखते रहना है, जिससे वह खुद को आधुनिक ज्ञान से अपडेट रख सकता है। डॉक्टरों को सिर्फ दवाइयों पर आधारित नहीं होना चाहिए। मरीज को उसका लाइफ स्टाइल ठीक करने के बारे में कहना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि अगर अभ्यास लुप्त हो जाए तो विद्या लुप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को सादा जीवन जीना चाहिए। यह देखकर खुशी होती है कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले आठ विद्यार्थियों में से सात लड़कियां हैं।