खेमेबाजी खत्म करने उतरे सीएम, रामस्वरूप के ‘घर’ से की शुरुआत
पंडित सुखराम और उनके पोते आश्रय शर्मा के कांग्रेस में शामिल होने के दूसरे ही दिन सीएम जयराम ठाकुर भाजपा में खेमेबाजी को खत्म करने के लिए उतर गए हैं। सीएम ने इसकी शुरुआत भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा के गृह क्षेत्र जोगिंद्रनगर से की है।
विधानसभा चुनाव में मंडी जिला से सिर्फ जोगिंद्रनगर हलके से भाजपा को हार मिली थी। हालांकि, इस हलके से निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद विधायक प्रकाश राणा ने भाजपा को समर्थन दिया है।
खेमेबाजी में बंटी जोगिंद्रनगर भाजपा के नेताओं से सीएम ने मंगलवार सुबह अलग अलग वार्ता की। सबसे पहले उन्होंने पूर्व मंत्री एवं पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के समधी गुलाब सिंह को अकेले में बुलाया।
उसके बाद गुलाब सिंह को 2017 के विस चुनावों में शिकस्त देकर निर्दलीय चुनाव जीतने वाले विधायक प्रकाश राणा के साथ अकेले में वार्ता की। जिला महामंत्री पंकज जम्वाल और मंडल अध्यक्ष दलीप सिंह राणा से मुलाकात के बाद अंत में चारों नेताओं से बातचीत के बाद रामस्वरूप को जरूरी निर्देश दिए।
रामस्वरूप के गृह क्षेत्र के समीकरण
बताया जा रहा है कि इस दौरान सीएम ने खेमेबाजी में बंटे नेताओं को चेताया कि अगर यहां से लीड न मिली तो अंजाम भुगतने को तैयार रहें। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि जोगिंद्रनगर में भाजपा एक है और लोकसभा चुनावों में भाजपा यहां से लीड लेगी।
इससे पहले जोगिंद्रनगर में सीएम जयराम ठाकुर और सांसद रामस्वरूप शर्मा ने रोड शो किया और भाजपा के लिए वोटों की अपील की। 2014 के लोकसभा चुनाव में रामस्वरूप शर्मा को जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र से करीब 20,000 वोटों की बढ़त मिली थी।
जबकि 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी गुलाब सिंह ठाकुर को लगभग 6500 वोटों से यहां हार का सामना करना पड़ा था। यहां निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश राणा विजयी रहे। प्रकाश राणा अब सीएम जयराम और रामस्वरूप के करीबी हैं। ऐसे में पार्टी यहां 2014 से अधिक बढ़त मिलने की उम्मीद लगाए बैठी है।