सिरमौर: सीएम जयराम बोले- टोपी नहीं, मुझे शिलाई से विधायक चाहिए
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र में हर वो काम किया है, जो सराज में किया है। उन्होंने कहा कि मुझे लोइया, डांगरा, टोपी नहीं, सिर्फ यहां से विधायक चाहिए। अगली बार जब भाजपा की सरकार बनेगी तो उसमें शिलाई की भागीदारी उन्हें चाहिए।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को शिलाई विधानसभा क्षेत्र को अपने गृह क्षेत्र सराज जैसा बताकर अपनत्व का कार्ड खेला। एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कफोटा में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सराज और शिलाई विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, वेश-भूषा और संस्कृति एक जैसी है। जब वह शिलाई आते हैं तो लगता है कि वह सराज आ गए हैं।
उन्होंने कहा कि शिलाई विधानसभा क्षेत्र में हर वो काम किया है, जो सराज में किया है। उन्होंने कहा कि मुझे लोइया, डांगरा, टोपी नहीं, सिर्फ यहां से विधायक चाहिए। अगली बार जब भाजपा की सरकार बनेगी तो उसमें शिलाई की भागीदारी उन्हें चाहिए। कहा कि हिमाचल में उन्होंने बदले की भावना को समाप्त किया। टोपियों की राजनीति को खत्म किया। टोपी किसी की नहीं बल्कि हिमाचल की टोपी है। यह प्रदेश की संस्कृति की पहचान है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि महामारी के दौरान कोरोना वैक्सीन में हिमाचल पहले स्थान पर रहा।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 50 सालों में कांग्रेस सरकार में दो ऑक्सीजन प्लांट थे। आज प्रदेश में 50 प्लांट और लगाए गए हैं। हजारों वेंटिलेटर तैयार किए हैं। जनमंच, मुख्यमंत्री सेवा संकल्प योजना, पेंशन योजना, बुजुर्ग पेंशन की उम्र 70 साल से घटाकर 60 साल की है। गरीब लोगों की बीमारी के इलाज के लिए हिमकेयर योजना, गरीब महिलाओं को गृहणी सुविधा योजना से 3.25 लाख चूल्हे घर-घर पहुंचाए हैं।
फिर भी वोट नहीं देंगे तो पाप लगेगा : तोमर
वहीं, राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष बलदेव तोमर ने कहा कि जो भी मुख्यमंत्री से मांगा हमें मिला है। उन्होंने पहाड़ी बोली में कहा कि ‘मुख्यमंत्री ये वे विकास का कामो दे कुछ कोमे छोड़े ने राखी ओर मोवे बे कुछ छोड़े ने रैयी...तोबे देखला तुवारा कुलिष्ट, तोबे लगो पाप बे’। मतलब मुख्यमंत्री ने विकास में कोई कमी नहीं रखी। मैंने भी कोई कमी नहीं छोड़ी। फिर भी वोट नहीं देंगे तो कुलिष्ठ का पाप लगेगा।
डीएसपी और पूर्व ओएसडी मामराज पुंडीर में कहासुनी
उधर, कफोटा में एसडीएम कार्यालय का शुभारंभ के दौरान परिसर के बाहर पुलिस और एक बस संचालक के बीच झड़प हो गई। झड़प का कारण बस की आवाजाही बताया जा रहा है। 12 बजे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर एसडीएम कार्यालय कफोटा का शुभारंभ कर रहे थे। अंदर जलपान चला था। ठीक उसी समय एक बस तिलोरधार की ओर से कफोटा पहुंची। इसे पुलिस के जवान ने रोका। उसी समय बस संचालक के साथ नोंकझोंक बढ़ गई।
बस संचालक शिक्षा मंत्री के पूर्व ओएसडी रहे मामराज पुंडीर के बड़े भाई हैं। इस बीच नौबत धक्का-मुक्की तक जा पहुंची। बस संचालक को पुलिस के जवान एक तरफ ले गए। उसी समय बस संचालक के भाई पूर्व ओएसडी मामराज पुंडीर भी पहुंच गए। उनके बड़े भाई के साथ हुई झड़प में वह भी आगबबूला हुए। इसी बीच पांवटा डीएसपी और मामराज पुंडीर के बीच कहासुनी हुई लेकिन बाद में स्थानीय ग्रामीणों के बीच-बचाव में मामला सुलझा दिया।