कांगड़ा: सीएम जयराम बोले- टांडा मेडिकल कॉलेज में जल्द मिलेगी ब्रेकीथैरेपी और पीईटी स्कैन की सुविधा
कैंसर के रोगियों के लिए ब्रेकीथैरेपी की सुविधा भी टांडा में जल्द शुरू होने जा रही है। बुधवार को ही उसकी अप्रूवल मिली है। शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में पीईटी स्कैन की सुविधा जल्द मरीजों को मिलेगी।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज अब आईजीएमसी के बराबर का संस्थान बन गया है। टांडा करीब आधे हिमाचल को स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। टांडा कॉलेज में डायलिसिस की सुविधा न होने से हर माह सैकड़ों रोगी दूसरे राज्यों में इलाज करवाने जाते थे। टांडा में अब डायलिसिस यूनिट शुरू हो चुकी है। लगभग 80 लाख की लागत से यह यूनिट स्थापित की गई है। पोर्टेबल मशीनों की सुविधा भी इस यूनिट में है। लंबे समय से सीटी स्कैन की सुविधा को लेकर चल रही समस्या भी अब दूर हो गई है। संस्थान स्वास्थ्य क्षेत्र में और बेहतर काम करे इसके लिए कई निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
कैंसर के रोगियों के लिए ब्रेकीथैरेपी की सुविधा भी टांडा में जल्द शुरू होने जा रही है। बुधवार को ही उसकी अप्रूवल मिली है। शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में पीईटी स्कैन की सुविधा जल्द मरीजों को मिलेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में आयुष्मान भारत के तहत अब ऐसा संभव हो पाया है। इसी कॉन्सेप्ट को डेवलप करते हुए हिमाचल में हिमकेयर व्यवस्था शुरू की गई है। अब तक हिमकेयर योजना के तहत दो सौ पच्चीस करोड़ रुपये हिमाचल में खर्च किए जा चुके हैं। इसमें दो लाख बीस हजार से ज्यादा लोगों का नि:शुल्क इलाज किया जा चुका है। टांडा में मल्टी स्टोरी पार्किंग को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द मेंटल अस्पताल व जच्चा-बच्चा अस्पताल भी जनता को समर्पित किया जाएगा।
कार्ड धारकों का फ्री अन्य का 1047 में होगा इलाज
पिछले पांच वर्षों से टांडा मेडिकल कॉलेज में बंद पड़ी डायलिसिस सुविधा शुरू होने से कांगड़ा सहित, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू, चंबा जैसे जिलों के सैकड़ों रोगियों को सुविधा मिलेगी। टांडा में यह सुविधा न होने से मरीजों को निजी या फिर बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता था। टांडा में रोजाना 27 रोगियों का डायलिसिस किया जा सकेगा। हिमकेयर जैसे कार्ड होल्डर का डायलिसिस पूरी तरह निशुल्क रहेगा। नॉन कार्ड होल्डर का डायलिसिस मात्र 1047 रुपये में होगा। जल्द टांडा में नवीनतम तकनीक से लैस एमआरआई मशीन भी जल्द स्थापित की जाएगी।
पंजाब और हिमाचल में विधायक की पेंशन में भारी अंतर
सीएम से अनौपचारिक तौर पर पूछा गया कि पंजाब में आप सरकार ने एक विधायक एक पेंशन का फैसला लिया है। इस पर सीएम ने कहा कि हिमाचल और पंजाब में पूर्व विधायकों की पेंशन में भारी अंतर है। पंजाब में एक समय के विधायक को 75 हजार से ज्यादा पेंशन मिलती है, जबकि हिमाचल में पूर्व विधायक की बेसिक पेंशन 36 हजार रुपये से शुरू होती है। अभी ऐसा कोई विचार नहीं है। इसके बाद सीएम ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भानु अवस्थी की उपस्थिति में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के एचओडी के साथ बैठक ली। बैठक में उन्हें ब्लॉक की समस्याएं बताई गईं। इन्हें सीएम ने जल्द दूर करने का आश्वासन दिया है। बैठक में अराजपत्रित कर्मचारी संघ अध्यक्ष एसएस राणा ने लंबित कर्मियों की डेजिगनेशन का मुद्दा उठाया। सीएम ने इसे हल करने का भरोसा जताया है।