शिमला: जयराम बोले- विधानसभा में शिक्षक महासंघ की तरह आते तो बात करने खुद बाहर आता
आंदोलनरत एनपीएम कर्मचारियों का नाम लिए बगैर नसीहत दी कि वे भी अगर विधानसभा में शिक्षक महासंघ की तरह आते तो वह उनसे बात करने खुद बाहर आते। सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ने यह बात विधानसभा परिसर में सीएम गेट पर जुटे सैकड़ों शिक्षकों संबोधित करते हुए कही।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) की बहाली की मांग पर आंदोलनरत एनपीएम कर्मचारियों का नाम लिए बगैर नसीहत दी कि वे भी अगर विधानसभा में शिक्षक महासंघ की तरह आते तो वह उनसे बात करने खुद बाहर आते। बहुत सी बातें व्यवहार पर भी निर्भर करती हैं, पर कुछ लोगों ने गलतफहमियां पैदा कर दी हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री ने यह बात विधानसभा परिसर में सीएम गेट पर जुटे सैकड़ों शिक्षकों संबोधित करते हुए कही। विस परिसर में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार और महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर की अगुवाई में मुलाकात की।
जयराम ने शिक्षकों से क्षमा मांगी कि उन्हें बाहर आने में देरी हो गई। भीतर गरमागरमी चल रही थी, उन्हें भी ठीक करने की जरूरत थी। सीएम बोले - मैं सीधा और शरीफ आदमी हूं। कई बार ऐसे हालात पैदा किए जाते हैं कि उन्हें टेढ़ा भी होना पड़ता है। हम भंगरोटू और कंसा चौक में मिले थे, क्या हो सकता है। उस दिशा में आगे बढ़े भी। परिस्थितियां जिस प्रकार की हैं, उसमें शिक्षक महासंघ ने बहुत सब्र रखा। कोई आंदोलन नहीं होने दिया। वे सभी वर्गों से इसी तरह से बात करना चाहते हैं। कहा कि चाहे पीटीए का मसला था या पैट का मसला था, उनके लिए संघर्ष किया। भाषण देकर ही नहीं, खुलकर मदद की।
एसएमसी अध्यापकों ने मदद मांगी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। आने वाले समय में पॉलिसी से संबंधित बात पर भी काम करेंगे। कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तुत बजट में समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रावधान किए हैं। बीएड तथा टीईटी योग्यता प्राप्त शास्त्री तथा भाषा अध्यापकों का पदनाम टीजीटी संस्कृत तथा टीजीटी हिंदी किया है। प्रवक्ता स्कूल कैडर तथा प्रवक्ता स्कूल न्यू श्रेणियों का समान पदनाम प्रवक्ता स्कूल किया है। अन्य मांगों के समाधान भी निकाले जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज और हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।