सीटू ने केंद्र सरकार की नीतियों को बताया मजदूर विरोधी, बैठक में बनाई रणनीति
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मजदूर संगठन सीटू ने मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए मंडी में एकजुटता दिखाई है। राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक ताराचंद कामरेड भवन में हुई। इसमें प्रदेशभर से सीटू के प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह ठाकुर, राज्य अध्यक्ष जगत राम, महासचिव प्रेम गौतम विशेष तौर पर मौजूद रहे। डॉ. कश्मीर ठाकुर ने केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया। कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र को तबाह करने में लगी है।
पिछले पांच वर्षों में बेरोजगारी बढ़ी है। सरकार मजदूरों के पक्ष वाले श्रम कानूनों को खत्म कर रही है। केंद्र सरकार पुरानी पेंशन योजना को लागू करने से मुकर गई है। पुलवामा आतंकी हमले में राजनीति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सीटू पूरे देश में मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ अभियान चलाएगी। प्रदेश में सीटू से जुड़ी यूनियनों की दो महीनों में बैठकें की जाएंगी और एक लाख पर्चा वितरित किया जाएगा।
अगले कार्यक्रम भी किए निश्चित
बैठक में भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, भूप सिंह, राजेश ठाकुर, विजेंद्र मेहरा, अशोक कटोच, रविंद्र कुमार, खिममी देवी, राजकुमारी, सुदेश ठाकुर, सुमित्रा ठाकुर, एनडी रनोट, जोगिंद्र शर्मा, दलजीत सिंह, केबल सिंह, किशोरी डढवालिया, दिनेश नेगी, मदन नेगी, जीवन नेगी, पदम प्रभाकर, अजय डुलटा, बाबू राम, कुलदीप सिंह इत्यादि ने भाग लिया।
सीटू ने 24 मार्च को कुल्लू, मंडी, बिलासपुर का जिला सम्मेलन, 31 मार्च को शिमला का तथा 14 अप्रैल को सिरमौर, ऊना, कांगड़ा और चंबा का सम्मेलन निश्चित किया है। आंगनबाड़ी यूनियन का प्रशिक्षण स्कूल 23-24 मार्च को हमीरपुर और शिमला में आयोजित किया जाएगा। सीटू का अगला राज्य सम्मेलन 13, 14, 15 सितंबर को शिमला में आयोजित करने का फैसला भी लिया गया।