कार्यक्रम का आगाज: मूलभूत साक्षरता और संख्या गणना में निपुण बनेंगे तीसरी कक्षा तक के बच्चे
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने सचिवालय में निपुण हिमाचल कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ किया। वर्ष 2024-25 तक इस कार्यक्रम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्या गणना में निपुण बनाया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने सचिवालय में निपुण हिमाचल कार्यक्रम का ऑनलाइन शुभारंभ किया। वर्ष 2024-25 तक इस कार्यक्रम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया कि सौ फीसदी लक्ष्य पूरा करने पर स्कूल का नाम निपुण विद्यालय रखा जाएगा। इन विद्यालयों के शिक्षकों को भी सरकार सम्मानित करेगी। इसके लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण और बच्चों को पढ़ाने के लिए स्टडी मैटेरियल भी तैयार किया गया है।
कार्यक्रम के तहत स्कूलों में गतिविधि आधारित लर्निंग और सीखने का अनुकूल माहौल बनाया जाएगा। क्लस्टर प्रमुख शिक्षकों को भी निपुण सहयोगी नाम दिया जाएगा। इनके सहयोग से स्कूलों में इस अभियान को गति दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि देश में इस अभियान को पूरा करने के लिए वर्ष 2026-27 तक का लक्ष्य तय किया गया है। प्रदेश ने इस लक्ष्य को दो वर्ष पहले पूरा करने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चा तीसरी कक्षा के अंत में पढ़ने, लिखने और अंक गणित में वांछित सीखने की क्षमता प्राप्त कर सके। प्रदेश में इस कार्यक्रम को समग्र शिक्षा अभियान का परियोजना कार्यालय चलाएगा।
कार्यक्रम की सफलता को राज्य टास्क फोर्स गठित
निपुण हिमाचल कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रदेश में राज्य टास्क फोर्स का गठन किया गया है। राज्य और जिला संचालन समितियों को अधिसूचित किया है। दूसरी और तीसरी कक्षा के बच्चों को गणित और अंग्रेजी के लिए वर्कबुक्स दी गई हैं। बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति को बेहतर बनाने के लिए एक एप्लीकेशन तैयार की जा रही है। मूल्यांकन के लिए भी पूरी प्रक्रिया बनाई गई है।