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निर्वाचन आयोग ने दिए सख्त निर्देश, चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो ऐसे अधिकारी, कर्मचारी

Tue, 26 Sep 2017 08:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 26 Sep 2017 08:56 AM IST
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chief election commissioner of india held meeting with dc and sp

रिटायर कर्मचारियों के मुद्दे पर अकसर विपक्ष के निशाने पर रहने वाली सरकार को निर्वाचन आयोग ने भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। चुनावी तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त अचल कुमार जोति ने प्रदेश के मुख्य सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी रिटायर या एक्सटेंशन पाए कर्मचारी या अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया में जिम्मेदारी न दी जाए। 

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डीसी, एसपी के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि राजनीतिक पार्टियों ने रिटायर कर्मचारियों, अधिकारियों की तैनाती न करने की मांग की थी। 
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कहा कि पैसे का दुरुपयोग रोकने को इनकम टैक्स विभाग के एक असिस्टेंट कमिश्नर के अलावा 17 इनकम टैक्स अधिकारियों की एक विशेष टीम आर्थिक मामलों की निगरानी करेगी। बैंकों के अधिकारियों के संपर्क में रहकर हर बड़े तथा संदिग्ध लेन-देन पर भी नजर रखी जाएगी।
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पेड न्यूज पर रखी जाएगी नजर
जोति ने कहा कि अलग-अलग पार्टियों के प्रतिनिधियों ने सरकारी पैसे से लग रहे होर्डिंग और एनएच किनारे लग रहे होर्डिंग हटाने की मांग की। कुछ पार्टियों ने सरकार पर नई स्कीमों की घोषणा करने पर रोक लगाने की भी मांग की। कुछ दलों ने सामाजिक, धार्मिक मुद्दों को चुनाव से जोड़ने को लेकर भी सख्ती करने को कहा। बताया कि सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान पैसे का दुरुपयोग रोकने और उन पर नजर रखने की मांग की। पेड न्यूज पर भी नजर रखने के लिए विशेष व्यवस्था करने को कहा। कहा कि हर जिले में एक कमेटी बनाई जाएगी, जो पेड न्यूज पर नजर रखेगी।

नवंबर के दूसरे हफ्ते में हो चुनाव
पार्टियों ने आयोग से इस बात की भी सिफारिश की है कि चुनावों की घोषणा नवंबर के दूसरे सप्ताह से पहले हो। इसके पीछे उन्होंने ऊंचाई वाले इलाकों और मौसम का हवाला दिया है। सीईसी जोति ने कहा कि दलों की मांगों पर विचार करने के बाद चुनाव कितने चरणों में कराया जाए और कब कराया जाए इस पर फैसला लिया जाएगा।
 

इंटरस्टेट बॉर्डर की सख्ती से निगरानी

chief election commissioner of india held meeting with dc and sp

सीईसी जोति ने बताया कि निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी आईजी/डीआईजी व एसपी को कड़े निर्देश दिए हैं। अंतरराज्यीय बॉर्डर के अलावा अंतर जिला बॉर्डर पर भी चेक पोस्ट बनाकर सघन चेकिंग करने को कहा है। अन्य विभागों को भी शराब, गिफ्ट आइटम के अलावा पैसे व नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए मेहनत करने को कहा है।

204 फ्लाइंग, 204 स्टैटिक स्क्वाएड होंगे गठित
जोति ने बताया कि प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में तीन तीन फ्लाइंग स्क्वाएड व स्टैटिक सर्विलेंस टीम बनाई जाएगी। ये टीम नकदी, शराब और अन्य सामान के परिवहन पर नजर रखेगी। इन टीमों के वाहनों को जीपीएस से लेस किया जाएगा। एसपी, डीसी ऑफिस में इन टीमों की निगरानी को कंट्रोल रूम भी तैयार किए जाएंगे।

टोलनंबर पर करें शिकायत, ई-मेल आईडी बनाने के निर्देश
सीईसी ने बताया कि चौबीस घंटे काम करने वाला एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। 18001808089 नंबर भी राज्य में एक्टिव होगा, जिस पर कोई भी जानकारी साझा की जा सकेगी। आयोग ने राज्य के अधिकारियों को ई-मेल आईडी बनाकर उसमें आने वाली शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था करने को कहा है।

नामांकन होते ही दस्तावेज होंगे ऑनलाइन
आयुक्त ने बताया कि नामांकन के बाद हर शाम 7 बजे सीईओ की वेबसाइट पर नामांकन करने वाले हर प्रत्याशी से संबंधित सारी जानकारी ऑनलाइन की जाएगी। चुनाव अधिकारियों से लेकर मतदाताओं की सुविधा के लिए समाधान, सुविधा, इलेक्शन एटलस, सुगम जैसे कई आईटी पहल की गई हैं।

हर पोलिंग बूथ पर बनाए रैंप
आयुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, विकलांगों को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आयोग विशेष कैंपेन चलाएगा। उनकी सुविधा को हर बूथ पर रैंप बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। प्रयास रहेगा कि एनसीसी, एनएसएस जैसे संगठनों की मदद लेकर किसी तरह ऐसे लोगों को भी मतदान स्थल तक पहुंचाने में मदद की जाए।

16 लाख वीवीपीएटी, 23 लाख नई ईवीएम की होगी खरीद

chief election commissioner of india held meeting with dc and sp

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि देशभर में करीब 9.80 लाख पोलिंग स्टेशन हैं। इन पर मतदान के लिए करीब तीन हजार करोड़ से 16 लाख नई वीवीपीएटी मशीन व दो हजार करोड़ से 13 लाख नई ईवीएम मशीनें देश की नामी अर्ध सरकारी कंपनियों से बनवाई जा रही है। यह वही कंपनियां हैं, जो देश के रक्षा क्षेत्र में तकनीकी उत्पादों को तैयार करती हैं।

जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी
जोति ने मुख्यालय शिमला से जिला शिमला के लिए निर्वाचन जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वाहन लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए ईवीएम वीवीपीएटी तथा अन्य निर्वाचन संबंधी सामग्री से सुसज्जित होगा। वाहन में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी मौके पर वीवीपीएटी मशीनों, नए मतदाताओं के पंजीकरण, मत की महत्ता तथा प्रजातंत्र में मत की भूमिका से संबंधित जानकारी देंगे। इस तरह का एक वाहन राज्य तथा शिमला जिला के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए रवाना किया जाएगा।

ईवीएम न हैक हो सकती है और न कंट्रोल
सीईसी ने कहा कि ईवीएम व वीवीपीएटी मशीनों को देश के सबसे काबिल वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में तैयार कराया जाता है। ये वो विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने देश की सेना को पहला मास्टर कंप्यूटर मुहैया कराया। ईवीएम को न तो हैक किया जा सकता है और न ही इसे कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें कोई तार या इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं होता। इसमें दर्ज डाटा चिप में दर्ज हो जाता है और मशीन बैटरी के जरिये ही चलती है। 

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