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Chester Hills dispute : रेरा ने दी थी जेडीए को मंजूरी, तीन साल में पूरा होना था प्रोजेक्ट, जांच में खुलासा

Tue, 14 Apr 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन।
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 14 Apr 2026 05:00 AM IST
सार

प्रदेश के चर्चित चेस्टर हिल्स मामले में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। 

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Chester Hills dispute: SDM investigation reveals RERA had given approval to JDA
जांच(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के चर्चित चेस्टर हिल्स मामले में रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। रेरा ने बिना किसी जांच के इसमें कृषक व बिल्डर के बीच हुए जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (जेडीए) को मंजूरी दे दी थी। इसमें जून 2022 में रेरा के पास जेडीए पंजीकृत किया गया था। रेरा के पास पंजीकृत करवाने के समय यह भी लिखा गया था कि इस प्रोजेक्ट को तीन साल में पूरा करना है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में भी इसका खुलासा हुआ है।

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जानकारी के अनुसार साल 2024 में जब यह मामला सार्वजनिक हुआ और कानूनी पेचीदगियां सामने आईं व शिकायतें हुईं तो आनन-फानन में बिल्डर और संबंधित कृषक ने अपने बीच हुए एग्रीमेंट को तीन साल पूरा होने से पहले ही जनवरी 2025 में तोड़ दिया था।

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23 अप्रैल को पेशी में होगी जांच
रेरा ने शुरुआती स्तर पर इस जेडीए को हरी झंडी दी थी, जिससे प्रोजेक्ट को कानूनी वैधता मिलने का आधार बना। रिपोर्ट सामने आने के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या रेरा ने एग्रीमेंट को मंजूरी देने से पहले सभी दस्तावेजों और जमीनी हकीकत की गहनता से जांच की थी। इस पूरे प्रकरण को लेकर 23 अप्रैल को अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। इसमें धारा 118 के उल्लंघन समेत कई अन्य मुद्दों पर जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि रेरा में पंजीकृत होने के समय इसमें कृषकों व बिल्डर के बीच समझौते में क्या-क्या शर्तें रखी गई थीं। क्योंकि अगर नियमों के तहत शर्तें नहीं होंगी तो रेरा ने इसे पंजीकृत करने के बाद अप्रूवल कैसे दी।

चेस्टर हिल प्रोजेक्ट को रेरा में जाॅइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (जेडीए) में पंजीकृत करवाया गया था। हालांकि, जब इसमें शिकायतें हुईं तो कृषकों व बिल्डर ने इसे तय अवधि से पहले ही तोड़ दिया। बेनामी संपत्ति व धारा 118 के उल्लंघन पर दोनों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। एग्रीमेंट समय से पहले क्यों तोड़ा गया, इस पर भी जवाब तलब किया जाएगा। -मनमोहन शर्मा, उपायुक्त सोलन

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