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हिमाचल: चंद्रकुमार बोले- भांग के पौधों के रसायन 24 रोगों के उपचार में मददगार

Thu, 07 Aug 2025 11:57 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 07 Aug 2025 11:57 AM IST
सार

कृषि मंत्री ने अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा कृषि उत्पादन को बढ़ाने एवं कीटों से बचाव की जानकारी किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

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Chandrakumar said- chemicals of hemp plants are helpful in the treatment of 24 diseases
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने अधिकारियों के साथ की बैठक। - फोटो : संवाद

विस्तार

कृषि एवं पशुपालन मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने कहा है कि भांग के पौधों के रसायन 24 रोगों के उपचार में सहायक होते हैं। वह धर्मशाला स्थित भू-संरक्षण अधिकारी कार्यालय के सभागार में हिमाचल प्रदेश में भांग की खेती, फॉल आर्मी वर्म के प्रदेश में फैलाव और फसलों में स्टंट रोग के विषय में अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहे थे। कृषि मंत्री ने अधिकारियों और कृषि विशेषज्ञों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा कृषि उत्पादन को बढ़ाने एवं कीटों से बचाव की जानकारी किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

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उन्होंने भांग की खेती के बारे में उपस्थित अधिकारियों के साथ विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। चंद्र कुमार ने कहा कि भांग की खेती पर पायलट अध्ययन को मंजूरी दी गई है। यह अध्ययन भांग की खेती के विषय में भविष्य की रूपरेखा का मूल्यांकन और सिफारिश करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भांग की खेती को कानूनी तौर पर आरंभ करने को लेकर नियम निर्धारित किए जा रहे हैं। इन नियमों पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा कर मंजूरी देना प्रस्तावित है। भांग के पौधों को दवाओं के अलावा इससे प्राप्त होने वाले फाइबर को कपड़ा उद्योग और हस्तशिल्प उत्पादों में भी उपयोग में लाया जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ किसानों को फसलों में जैविक विधि से कीट प्रबंधन की जानकारी दें। इस अवसर पर चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. राजन कटोच ने बताया कि एक एकड़ भांग की खेती से 10 क्विंटल फाइबर प्राप्त किया जा सकता है। जिसे विभिन्न कपड़ा एवं अन्य उत्पादों में उपयोग में लाया जा सकता है। डॉ. अजय कुमार सूद ने प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर फसलों में फॉल आर्मी वर्म कीट के प्रसार बारे जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष जून से अक्तूबर माह के दौरान यह कीट विशेषकर मक्की की फसल पर प्रभाव डालता है।

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वाईटहेड प्लांट हॉपर कीट पर दी जानकारी
डॉ. सुमन कुमार ने वाईटहेड प्लांट हॉपर कीट के फैलाव तथा उसके रोकथाम बारे विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. राहुल कटोच ने कृषि मंत्री को विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं पर किए जा रहे कार्यों और उनकी प्रगति बारे भी जानकारी दी।

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