Chaitra Navratri: रात 2 बजे खुलेंगे नयनादेवी मंदिर के कपाट, हिमाचल के सभी शक्तिपीठों को भव्य रूप से सजाया
चिंतपूर्णी और बज्रेश्वरी मंदिर के कपाट चार बजे और चामुंडा-ज्वालामुखी मंदिर के पांच बजे खुलेंगे। श्री नयनादेवी और ज्वालामुुखी मंदिर में ड्रोन से भी सारी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
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चैत्र नवरात्र आज से शुरू हो रहे हैं। नवरात्र के लिए प्रदेश के सभी शक्तिपीठों समेत अन्य मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि वे आराम से दर्शन कर सकें। शक्तिपीठ श्री नयनादेवी के कपाट श्रद्धालुओं के लिए रात दो बजे ही खोल दिए जाएंगे। चिंतपूर्णी और बज्रेश्वरी मंदिर के कपाट चार बजे और चामुंडा-ज्वालामुखी मंदिर के पांच बजे खुलेंगे। श्री नयनादेवी और ज्वालामुुखी मंदिर में ड्रोन से भी सारी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
श्री नयनादेवी : मंदिर में रात दो बजे से ही श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। श्री नयनादेवी नगर को 9 सेक्टर में बांटा गया है और होमगार्ड के 150 और पुलिस के 200 जवान तैनात किए गए हैं। दोपहर 12 से 12:30 बजे कपाट बंद रहेंगे। इस दौरान आरती होगी।
चामुंडा मंदिर में होगा धार्मिक अनुष्ठान
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के कपाट सुबह पांच बजे खुलेंगे। मंदिर अधिकारी गिरिराज ठाकुर ने बताया कि आचार्य बालक राम की अगुवाई में 31 विद्वान पंडितों और 15 सहायक पंडित यज्ञशाला में धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। रात 10 बजे कपाट बंद होंगे।
चार बजे खुलेंगे मां बज्रेश्वरी मंदिर के कपाट
बज्रेश्वरी मंदिर के कपाट चार बजे खुलेंगे और रात को 10 बजे मंदिर बंद होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस और होमगार्ड के 40 जवान तैनात किए गए हैं।
चिंतपूर्णी मंदिर : श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट चार बजे खुलेंगे। श्रद्धालु एमआरसी पार्किंग, शंभू बैरियर और बाबा श्री माईदास सदन से मंदिर दर्शन के लिए पर्ची ले सकेंगे। रात को साढ़े 11 से 12 बजे तक कपाट बंद रहेंगे।