Bilaspur News: अब वित्तीय एक्सपर्ट सुलझाएंगे ट्रक ऑपरेटरों, अदाणी समूह के बीच मालभाड़े का विवाद
मंगलवार को बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सभा (बीडीटीएस) के पदाधिकारियों, राज्य सरकार की तीन सदस्यीय कमेटी और बिलासपुर प्रशासन के बीच बैठक हुई।
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ट्रक ऑपेरटरों और अदाणी समूह के बीच चल रहे मालभाड़े के विवाद को अब वित्तीय एक्सपर्ट सुलझाएंगे। मंगलवार को बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सभा (बीडीटीएस) के पदाधिकारियों, राज्य सरकार की तीन सदस्यीय कमेटी और बिलासपुर प्रशासन के बीच बैठक हुई। इस बैठक में कमेटी ने बीडीटीएस के सदस्यों से साल 2005 में गठित शुक्ला कमेटी के रेट निर्धारण फार्मूले पर चर्चा की। बीडीटीएस सदस्यों ने विभिन्न वस्तुओं के वर्तमान मूल्य और आंकड़े कमेटी के सामने रखे हैं। अब इन आंकड़ों को प्रधान सचिव को दिया जाएगा। इसके बाद वित्तीय एक्सपर्ट आंकड़ों का विश्लेषण करेंगे और एक रेट तय कर अदाणी समूह और ट्रक ऑपरेटरों के सामने रखा जाएगा। यदि उस रेट पर दोनों पर सहमति बनती है तो मालभाड़े के मामले के सुलझने की उम्मीद है।
एसी टू डीसी बिलासपुर गौरव चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बीडीटीएस के पदाधिकारियों का कहना था कि शुक्ला कमेटी के फार्मूले के तहत 2005 में छह रुपये प्रति किलोमीटर प्रति टन किराया निर्धारित किया गया था। यह किराया उस समय विभिन्न घटकों के मूल्यों को देखते हुए तय हुआ था। समय के साथ विभिन्न घटकों के मूल्य भी बढ़ते गए और फार्मूले के तहत मालभाड़ा भी बढ़ता गया। आज के समय में ड्राइवर, क्लीनर का वेतन, टैक्स, बीमा, ब्याज, जीपीएस और विभिन्न फीसों में बढ़ोतरी हुई है। इन घटकों के मूल्य में हुई वृद्धि को देखते हुए फार्मूले के तहत 2021 में 11.41 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति टन तय हुआ था। बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि सरकार की कमेटी को सभी पहलुओं को बता दिया है। वे सरकार के साथ कभी भी वार्ता को तैयार हैं।
प्लांट बंद होने से डीलर हो रहे परेशान : अदाणी समूह
सोलन। अंबुजा और एसीसी सीमेंट प्लांट बंद करने के मामले में अदाणी समूह का एक और बयान सामने आया है। समूह के प्रवक्ता विकास की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अदाणी समूह सीमेंट के दो संयंत्रों को बंद करने के मुद्दे को हल करने का प्रयास कर रहा है। प्रबंधन इन मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए परिवहन संघों सहित सभी हितधारकों से सहयोग मांग रहा है। हालांकि, ट्रक यूनियनों के अड़ियल रुख के कारण पैदा हुई स्थिति से समूह बेहद दुखी है। उन्होंने तर्क दिया कि इससे दोनों संयंत्रों पर निर्भर सीमेंट डीलरों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई डीलरों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील की है कि वह दो सीमेंट संयंत्रों को बंद करने से बचाएं। डीलरों ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य में ट्रक यूनियनों के तरीके से संचालित होने के कारण न केवल सीमेंट कंपनियां बल्कि पूरे राज्य के व्यवसाय और उद्योग अत्यधिक माल की कीमतों से पीड़ित हैं।
पूर्व सैनिकों ने सीमेंट प्लांट को शुरू करने की उठाई मांग
अंबुजा सीमेंट प्लांट में अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के तालाबंदी को लेकर हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण एवं विकास समिति ने पूर्व सैनिक कार्यालय दाड़लाघाट में अधीक्षक लाल चंद को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन निदेशक प्रबंधक भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम हमीरपुर को भेजा गया। भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति ने कहा कि अंबुजा सीमेंट प्लांट दाड़लाघाट में बिना नोटिस के तालाबंदी करने से ट्रक ऑपरेटरों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ड्राइवरों का वेतन, गाड़ी के पार्ट, सर्विस रिपेयर, पासिंग और खुद के पारिवारिक खर्चों को चलाने पर भी संकट छा गया है। लोन पर खरीदी गाड़ियों की किस्त देना भी मुश्किल हो गया है।
यदि हालात जल्दी सामान्य नहीं होते हैं तो बैंक ऑपरेटर की गाड़ियों को उठा लेंगे। समिति ने कहा कि जल्द इस समस्या का समाधान करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि ट्रक ऑपरेटरों को राहत मिल सके। पूर्व सैनिक समिति ने निदेशक से आग्रह करते हुए कहा कि सरकार के समक्ष जल्दी से इस समस्याओं को विधिवत रूप से रखें, ताकि ऑपरेटरों की समस्याओं का समाधान जल्द हो सके। इस दौरान प्रधान बालक राम शर्मा, उपप्रधान जीवानंद ठाकुर, अमरीक राणा, कोषाध्यक्ष रतनलाल, नानकराम, जगदीश, कश्मीरी लाल, बालकराम, रामस्वरूप, सुरेंद्र पाल, दलीप सिंह, बाबूराम, बालकराम, दलेर सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।