Bilaspur News: भाजपा ने बरमाणा में किया चक्का जाम, 35 मिनट बाधित रहा चंडीगढ़-मनाली हाईवे
चक्का जाम करने से पहले बरमाणा सीमेंट प्लांट से डैहर चौक तक पैदल मार्च निकाला गया। वहीं, बरमाणा थाना पुलिस ने सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल, पूर्व सांसद सुरेश चंदेल सहित करीब 90 लोगों पर मामला दर्ज किया है।
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सीमेंट प्लांट बंद करने के मुद्दे पर भाजपा ने मंगलवार को बरमाणा में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर चक्का जाम किया। इस दौरान करीब 35 मिनट हाईवे पर यातायात बाधित रहा। चक्का जाम करने से पहले बरमाणा सीमेंट प्लांट से डैहर चौक तक पैदल मार्च निकाला गया। वहीं, बरमाणा थाना पुलिस ने सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल, पूर्व सांसद सुरेश चंदेल सहित करीब 90 लोगों पर मामला दर्ज किया है। मंगलवार दोपहर करीब 1:00 बजे विधायक त्रिलोक जम्वाल की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एसीसी सीमेंट प्लांट के गेट के बाहर से प्रदेश सरकार और अदाणी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकाला। प्रदेश सरकार और अदाणी मुर्दाबाद, प्रदेश सरकार होश में आओ जैसे नारे लगाए गए। एक किलोमीटर लंबा पैदल मार्च डैहर चौक पर खत्म हुआ। डैहर चौक पर भाजपा नेता और कार्यकर्ता हाईवे पर बैठ गए और नारेबाजी करते रहे।
यहां विधायक सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने शपथ लेने के तुरंत बाद 12 दिसंबर को आदेश जारी कर भाजपा कार्यकाल में खोले गए विभिन्न संस्थानों को डिनोटिफाइड कर दिया। उसके बाद 13 दिसंबर को अदाणी समूह के साथ बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक में ऐसा क्या हुआ कि हिमाचल के दोनों सीमेंट प्लांट पर तालाबंदी कर दी गई। आज 41 दिन हो गए हैं, लेकिन सरकार ने एक नोटिस तक अदाणी समूह को नहीं दिया। 19 जनवरी को बीडीटीएस और अंबुजा सीमेंट के ट्रक ऑपरेटरों की रैली के बाद सरकार ने फूट डालो की नीति अपनाकर शिमला में उद्योग मंत्री के साथ बैठक रखी। बैठक में दाड़लाघाट के ट्रक ऑपरेटरों को बुलाया, लेकिन बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों को नहीं बुलाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आज दिन तक सरकार ने प्लांट को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई क्यों शुरू नहीं की गई।
माइनिंग लीज क्यों रद्द नहीं की गई और बिजली, पानी क्यों बंद नहीं किया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू से मांग की कि सीधा हस्तक्षेप करके मामले को सुलझाएं। इतने दिनों में न तो वह बरमाणा आए, न ही दाड़लाघाट गए और न ही सचिवालय में ट्रक ऑपरेटरों के साथ कोई वार्ता की। विधायक ने कहा कि अभी तक तो यह सांकेतिक धरना था। यदि दो दिन में सरकार ने कोई निर्णय न लिया तो विधायक होने के नाते ट्रक ऑपरेटरों और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए बरमाणा से बिलासपुर तक चक्का जाम किया जाएगा। उधर, डीएसपी मुख्यालय राजकुमार ने बताया कि हाईवे पर चक्का जाम करने वाले विधायक सहित करीब 90 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।