हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह से सीबीआई ने सात घंटे की पूछताछ
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सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ की है। पिछले एक हफ्ते में वीरभद्र सिंह दूसरे ऐसे कांग्रेसी मुख्यमंत्री हैं जिन्हें सीबीआई मुख्यालय तलब किया गया है।
मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को स्टिंग टेप मामले में दर्ज पीई के आधार पर दूसरी बार दिल्ली बुलाया गया था। 81 वर्षीय वीरभद्र बुधवार से ही दिल्ली में हैं। वह बृहस्पतिवार को 11 बजे सीबीआई मुख्यालय पहुंचे।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक हरियाणा के पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जमीन घोटाला और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से एंबुलेंस घोटाला मामले में पूछताछ की तैयारी चल रही है।
पहले भी हो चुकी है वीरभद्र से पूछताछ
कांग्रेस के इन चारों नेताओं पर पिछले दो साल में एफआईआर दर्ज की गई है। वीरभद्र सिंह पर आरोप है कि उन्होंने 2009-11 के बीच केंद्रीय मंत्री रहने के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। यह मामला करीब छह करोड़ रुपये का है।
सीबीआई के मुताबिक वीरभद्र ने इस अघोषित धन से खुद, पत्नी और परिवार वालों की एलआईसी पॉलिसी खरीदी। बाद में इस धन को कृषि की कमाई बताया गया।
पहले भी हो चुकी है वीरभद्र से पूछताछ
सीएम वीरभद्र सिंह से इस मामले में शिमला स्थित उनके निवास पर सीबीआई छापे के दौरान भी पूछताछ हो चुकी है। सीएम खुद इस बात की पुष्टि कर चुके हैं, मगर इस बार की पूछताछ को सबसे लंबा माना जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि पूछताछ से पहले एक बार सीबीआई वीरभद्र सिंह को प्रश्नावली भी दे चुकी है।
यहां जानिए क्या है मामला
23 सितंबर 2015 को सीबीआई ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। इसमें मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर केंद्रीय मंत्री रहते हुए वर्ष 2009 से लेकर 2011 के बीच 6.1 करोड़ रुपये के धन को अर्जित करने संबंधी सही स्रोत नहीं दिखाने के आरोप पर जांच बैठाई।
आरोप है कि उन्होंने इसी अघोषित धन से एलआईसी की पॉलिसियां लीं। सीबीआई जांच को आधार बनाकर ईडी ने भी नवंबर 2015 में नई दिल्ली में मुख्यमंत्री वीरभद्र्र सिंह और उनके परिवार सदस्यों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय में प्रीवेंशन टू मनी लांन्ड्रिंग एक्ट में मामला दर्ज किया।
आयकर विभाग भी इस मामले में जांच कर रहा है। इसी मामले में 26 सितंबर 2015 को सीबीआई की ओर से वीरभद्र सिंह और अन्य आरोपियों के हिमाचल और दिल्ली स्थित 11 ठिकानों पर छापामारी भी मारे की जा चुकी है।