दूरदर्शन केंद्र में घपला: CBI जांच में आया डिप्टी डायरेक्टर का नाम, रिकॉर्ड जब्त
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शिमला दूरदर्शन में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सीबीआई ने डिप्टी डायरेक्टर जरनल जालंधर और शिमला के कार्यकारी प्रभारी ओम गौरी दत्त शर्मा सहित दो निजी फर्मों को नामजद कर दिया है।
मामला दर्ज करने के बाद हुई पहली बड़ी कार्रवाई सीबीआई ने उनके कार्यालय, घरों सहित आठ ठिकानों में दबिश देकर 15 बैंक खातों, इंश्योरेंस पॉलिसियों, दो लॉकरों और संपत्ति के दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है।
ये दस्तावेज उनके और परिवार के हैं। बीते सोमवार को सीबीआई ने दूरदर्शन के शिमला कार्यालय और घर सहित जालंधर में छह जगहों में छापामारी की थी।
ये है पूरा मामला, फर्जी तरीके से की 50 लाख की पेमेंट
मामला वर्ष 2007 से 2012 के बीच का है, जब ओम गौरी दत्त शर्मा दूरदर्शन शिमला के निदेशक के पद पर कार्यरत थे। सीबीआई का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने (सुरजीत सिंह एक्सपर्ट पिक्चर जालंधर) और (श्रीमति पुष्पेंद्र कौर अंबा श्री फिल्म इंडिया जालंधर) को आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए फिल्म प्रसारण के लिए अधिकृत कर दिया।
सीबीआई के मुताबिक इस दौरान उक्त डिस्ट्रीब्यूटरों ने फर्जी और गलत दस्तावेज जमा करवाकर दूरदर्शन शिमला के साथ धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।
फर्जी दस्तावेजों पर कर दी 50 लाख की पेमेंट
सीबीआई की अभी तक की जांच में पता चला है कि उक्त अवधि के दौरान अधिकारी ने फर्जी और अधूरे दस्तावेजों के आधार पर फर्मों को करीब 50 लाख की पेमेंट कर दी जो नियमों के तहत नहीं की जा सकती थी। यह पेमेंट दूरदर्शन में फिल्मों और टेली फिल्मों के प्रसारण की एवज में दी गई।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस
सीबीआई दिल्ली के अधिकारी आरके गौड़ ने बताया कि दूरदर्शन केंद्र शिमला में फिल्मों के प्रसारण को लेकर तत्कालीन निदेशक और वर्तमान में उप महानिदेशक जालंधर ओम गौरी दत्त शर्मा सहित दो फर्मों को नामजद किया गया है।
उनके खिलाफ 120-बी, 420 और आईपीसी की धारा 13(2) और पीसी एक्ट की धारा (1) डी के तहत मामला दर्ज किया गया है। छापामारी में बैंक खातों और संपत्ति सहित कई अहम दस्तावेजों को कब्जे में लिया गया है।