भ्रष्टाचार मामला: वीरभद्र के खिलाफ जांच रिपोर्ट कोर्ट में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ की गई जांच की सील बंद रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश कर दी। वहीं अदालत ने वीरभद्र सिंह को मंगलवार तक अपना जवाब दाखिल करने का समय प्रदान किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी एवं न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष सोमवार को सीबीआई ने अपनी अंतिम सीलबंद रिपोर्ट पेश की। खंडपीठ ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि वे मामले की सुनवाई 10 सितंबर को शुरू करेंगे। खंडपीठ ने कहा कि वीरभद्र सिंह, मंगलवार तक अपना जवाब दाखिल कर सकते हैं।
खंडपीठ याची गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। इससे पूर्व आयकर विभाग ने भी अपनी सीलबंद रिपोर्ट पेश कर रखी है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि वीरभद्र सिंह के खिलाफ धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोप में आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के लिए सीबीआई के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं।
क्या है मामला
याचिका में कहा गया है कि वीरभद्र सिंह द्वारा दाखिल आयकर रिटर्न में वर्ष 2009-10 में 7,35,000 रुपये, वर्ष 2010-11 में 15,00,000 रुपये और 2011-12 में 25,00,000 रुपये आय बताई थी। लेकिन वर्ष 2012 में इसमें संशोधन करते हुए खेती से आय में 18 से 30 गुणा तक बढ़ोतरी दिखाई गई।
खेती से कुल आय बढ़कर तीन साल में ही 6.1 करोड़ रुपये हो गई। हिमाचल के मुख्यमंत्री पर केंद्रीय इस्पात मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करके निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि निजी कंपनी ने बदले में न सिर्फ वीरभद्र सिंह के नगद राशि प्रदान की बल्कि उनके परिवार को अनसेक्योर्ड लोन और कंपनियों के शेयर भी दिए।