IAS चौधरी को देना पड़ेगा बड़ा पद, नहीं तो खत्म होंगी मुख्य सचिव की शक्तियां
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केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की चंडीगढ़ बैंच ने हिमाचल सरकार को उसके चीफ सेक्रेटरी (सीएस) वीसी फारका के जरिए आदेश दिए हैं कि वह आईएएस विनीत चौधरी को सीएस के बराबर के पद पर नियुक्ति दें।
यदि अगली सुनवाई तक ऐसा नहीं होता है तो वर्तमान सीएस की पावर नहीं रहेंगी। वहीं ट्रिब्यूनल ने मामले में प्रतिवादी पक्ष हिमाचल सरकार, चीफ सेक्रेटरी और अन्य को मामले में अगली सुनवाई 14 मार्च को मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है।
इससे पहले जनवरी में ट्रिब्यूनल ने हिमाचल में चीफ सेक्रेटरी पद पर दो सीनियर आईएएस की अनदेखी कर जूनियर को प्रमोट करने के मामले में याचिकाकर्ता दोनों आईएएस विनीत चौधरी और दीपक सानन को कंपीटेंट अथॉरिटी को ज्वाइनिंग के लिए रिक्वेस्ट भेजने को कहा है।
साथ ही प्रतिवादी पक्ष को दोनों आईएएस की रिक्वेस्ट पर विचार करते हुए उन्हें समकक्ष पद पर ज्वाइनिंग देने के लिए विचार करने को कहा था।
सीएस फारका की प्रमोशन को किया गया था चैलेंज
पांच जनवरी को हिमाचल कैडर के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विनीत चौधरी और दीपक सानन ने ट्रिब्यूनल में दायर केस में चीफ सेक्रेटरी पद पर प्रमोट हुए वीसी फारका की प्रमोशन को चैलेंज किया था। याचिकाकर्ताओं ने यूनियन ऑफ इंडिया को सेक्रेटरी के जरिए, चीफ सेक्रेटरी हिमाचल सरकार और आईएएस वीसी फारका को प्रतिवादी पार्टी बनाया था।
1982 बैच के आईएएस विनीत चौधरी की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वह वर्तमान में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के तौर पर हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर विभाग देख रहे हैं। उन्होंने पिछले साल 31 मई को चीफ सेक्रेटरी के उस आदेश को खारिज करने की अपील की थी, जिसमें वीसी फारका को पदोन्नत कर चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है।
उनके अनुसार फारका उनसे जूनियर हैं और बिना सिविल सर्विसेज बोर्ड व सीनियर अधिकारियों की अनुमति से उन्हें पदोन्नति दी गई है। यह आईएएस कैडर रूल्स, 1954 का उल्लंघन भी है।