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कैंटर यूनियन विवाद : दोनों गुटों में खूनी संघर्ष, शहर में तनाव

Thu, 14 Jun 2018 08:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, परवाणू (सोलन)
अमर उजाला ब्यूरो, परवाणू (सोलन) Updated Thu, 14 Jun 2018 08:59 AM IST
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Canter Union controversy Parwanoo Bloody conflicts in both groups

कैंटर यूनियन पर कब्जे को लेकर परवाणू में जारी घटनाक्रम अब हिंसक हो गया है। बुधवार को दोनों गुटों में हुए संघर्ष में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है।

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तीन दिन से जारी संघर्ष के बाद अब स्थानीय लोग परवाणू में धारा 144 लगाने और हथियार जब्त कर लेने की मांग करने लगे हैं। बुधवार को उद्योगपतियों के आह्वान के बाद बावा गुट ने समानांतर कैंटर यूनियन खड़ी कर उद्योगों में ट्रक भेजने शुरू कर दिए। 
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बावा गुट ने एक ट्रक को परवाणू के सेक्टर चार की तरफ भेजा। लेकिन इसकी सूचना जब दूसरे अमरनाथ शर्मा गुट को मिली तो उन्होंने कैंटर को कसौली मार्ग पर रोक लिया। उन्होंने कैंटर चालक को पीट डाला तथा वाहन के शीशे तोड़ डाले।
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इसकी सूचना जब बावा गुट के लोगों को मिली तो वे भी भारी संख्या में कसौली चौक पहुंच गए और यहां उन्होंने अमरनाथ शर्मा गुट केे लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। काफी देर तक दोनों गुटों में हिंसा होती रही। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से आपस में भिड़ रहे दोनों गुटों के लोगों को अलग किया गया। 

लोगों ने की धारा 144 की मांग  

Canter Union controversy Parwanoo Bloody conflicts in both groups

इस घटनाक्रम में प्रमोद, राकेश, शेर सिंह, राजू और कुलविंद्र घायल हुए हैं। उद्योगपतियों को हो रहे नुकसान के चलते आपरेटरों ने हड़ताल वापस ले ली। लेकिन अलग जगह से यूनियन चलाने की वजह से दोबारा विवाद खड़ा हो गया।

उद्योगपतियों को इस हिंसा से अब तक करीब 80 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। परवाणू में इस पूरे प्रकरण को लेकर अब लोग धारा 144 लगाने की मांग करने लगे हैं। घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह बेबस नजर आ रहा है।

सोमवार से यहां हालत बेकाबू है लेकिन प्रशासन न े धारा 144 तक यहां नहीं लगाईं है। इसके अलावा लाइसेंसी हथियार जमा करवाने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की है। माहौल ठीक होने के बजाय बिगड़ता जा रहा है। ऐसे में प्रशासन की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगने शुरू हो गए हैं।  

फिलहाल नहीं लगेगी धारा 144 : उपायुक्त  

Canter Union controversy Parwanoo Bloody conflicts in both groups

सहायक आयुक्त एसपी जसवाल ने कहा कि धारा 144 लगाना उच्च अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में है। वहां से जो भी आदेश आएंगे उन्हें लागू कर दिया जाएगा। एसएचओ वीरेंद्र चौहान ने कहा कि मारपीट और गाड़ियां रोककर तोड़ने की घटनाओं की जांच जारी है।

इस बारे छानबीन करके कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।  डीसी विनोद कुमार ने कहा कि परवाणू औद्योगिक कस्बा है जहां धारा 144 लगाना आसान नहीं है। हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया है जो पर्याप्त है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल परवाणू में धारा 144 की जरूरत नहीं है। धारा लगाए जाने से आम लोगों की परेशानी और अधिक बढ़ जाएगी। प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को मामला नियंत्रित करने के आदेश जारी किए हैं।

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