हिमाचल में 311 पुलिस कर्मचारियों की ट्रांसफर, तीन आईपीएस को डीआईजी प्रमोट किया
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हिमाचल पुलिस में बड़ा फेरबदल हुआ है। प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को संभालने के लिए आखिरकार पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला ले लिया। शुक्रवार को मुख्यालय ने विभिन्न बटालियनों में तैनात 311 पुलिस कर्मियों को जिलों में स्थानांतरित कर दिया है।
कसौली कांड के बाद पुलिस कर्मियों की कमी की जिलों के कप्तानों की दलील के बाद से ही पुलिस मुख्यालय इस कवायद में जुट गया था। हालांकि जिलों की रिक्तियां भरने के बाद अब बटालियनों में तैनात रिजर्व फोर्स की कमी से प्रदेश पुलिस को जूझना पड़ सकता है।
दरअसल, किसी भी बड़ी कार्यवाही या अभियान व आंदोलन के समय बटालियनों से ही रिजर्व फोर्स को तैनात किया जाता रहा है। लेकिन अब बटालियनों में कर्मचारियों की कमी के बाद उन्हें विशेष कार्यों के लिए तैनात करना मुश्किल हो जाएगा।
साथ ही सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर पांच पुलिस अधिकारियों को अलॉट हुए आईपीएस कैडर को रिवाइज कर दोबारा अलॉट कर दिया है।
इन आईपीएस को मिली प्रमोशन
साथ ही प्रदेश गृह विभाग ने इनमें चार अधिकारियों के सेलेक्शन ग्रेड पर प्रमोशन की तिथि भी जारी कर दी है। इसके तहत रिटायर्ड आईपीएस रतन सिंह नेगी को अब 2001 बैच मिला है। साथ ही 1 जनवरी, 2014 से डीआईजी पद पर प्रमोशन दिया गया है।
पुनीता भारद्वाज को 2002 से 2001 आईपीएस कैडर व 1 जनवरी 2015 से डीआईजी पद पर प्रमोशन, रामेश्वर सिंह ठाकुर 2006 बैच से 2003 बैच व प्रोफार्मा बेसिस पर 1 जनवरी 2017 से डीआईजी पद पर प्रमोशन, 2004 बैच के सोनल अग्निहोत्री को 1 जनवरी 2018 से डीआईजी और 2006 बैच के प्रेम
ठाकुर को आईपीएस का 2004 बैच व 1 जनवरी 2018 से डीआईजी रैंक पर प्रमोशन दिया है। प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में रतन सिंह नेगी को 1 जनवरी 2013 , पुनीता भारद्वाज को 1 जनवरी 2014, रामेश्वर
सिंह को 1 जनवरी 2016 और प्रेम कुमार ठाकुर को 1 जनवरी 2017 से सेलेक्शन ग्रेड पर प्रमोशन दिया है। इस संबंध में सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसके अलावा सरकार ने एसपी विजिलेंस धर्मशाला बिमल गुप्ता को 1 जनवरी से सेलेक्शन ग्रेड दे दिया है।