रीना को टिकट देकर भाजपा ने साधा क्षेत्रीय व जातीय संतुलन
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पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में राजगढ़ की रीना कश्यप को भाजपा ने टिकट देकर जहां क्षेत्रीय संतुलन बनाया है, वहीं जातीय समीकरण साधने का कार्य भी किया है। रीना कश्यप राजगढ़ की निवासी हैं। वर्ष 2006 से भाजपा में जुड़ी हैं। रीना ने वर्ष 2011 में शिलांजी वार्ड से जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ा और विजयी हुईं। इसी वर्ष वह भाजपा की आजीवन सदस्य बनीं। वह भाजपा महिला मोर्चा पच्छाद की महामंत्री, जिला कार्यकारिणी और प्रदेश की सदस्य रह चुकी हैं।
गिरिआर और गिरिपार में बंटे पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र में वर्तमान में गिरिआर के सराहां क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सुरेश कश्यप सांसद हैं। इसी क्षेत्र के बलदेव भंडारी कृषि एवं विपणन बोर्ड के अध्यक्ष पद पर तैनात हैं। ऐसे में भाजपा पर उपचुनाव में गिरिपार के राजगढ़ क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने का दबाव भी था। भाजपा ने रीना कश्यप को टिकट देकर क्षेत्रीय संतुलन ही नहीं साधा है, बल्कि युवाओं व बहुसंख्यक वोट बैंक को भी साधने के प्रयास किए।
अभी तक विधायक पच्छाद के सराहां क्षेत्र से चुनते आए हैं। सरकार में पच्छाद क्षेत्र से ही नेता उच्च पदों पर आसीन रहे हैं। ऐसे में भाजपा ने इस बार रीना कश्यप को टिकट देकर राजगढ़ क्षेत्र को प्राथमिकता दी है। रीना कश्यप सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगी। बहरहाल, राजगढ़ क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली रीना कश्यप युवा हैं। पहली बार वह भाजपा के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ रही हैं।
माना जा रहा है कि रीना कश्यप मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की करीबी हैं। पच्छाद क्षेत्र के राजगढ़ से संबंध रखने वाली 34 वर्षीय रीना कश्यप का मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता गंगूराम मुसाफिर के साथ होगा। सात बार विधानसभा का चुनाव जीत चुके गंगूराम मुसाफिर के पास न केवल लंबा अनुभव है, बल्कि, राजनीतिक के सभी दांवपेंच भी वह भलीभांति जानते हैं। रीना कश्यप को सरकार का समर्थन है।