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उपचुनाव: जनजातीय जिलों में बर्फबारी ने बढ़ाई राजनीतिक दलों की चिंता
Tue, 26 Oct 2021 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 26 Oct 2021 05:00 AM IST
सार
मंडी संसदीय सीट के तहत जिला किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और जिला चंबा का भरमौर क्षेत्र आता है। बीते दिनों इन क्षेत्रों में बर्फबारी होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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लाहौल-स्पीति में हुई बर्फबारी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिलों में बर्फबारी ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और भरमौर में ताजा बर्फबारी से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। मंडी संसदीय सीट के इन क्षेत्रों में वोटरों को घरों से निकालना अब आसान नहीं हैं। मौसम में आए बदलाव के बाद इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान माइनस में पहुंच गया है। अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज हुई है।
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मंडी संसदीय सीट के तहत जिला किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और जिला चंबा का भरमौर क्षेत्र आता है। बीते दिनों इन क्षेत्रों में बर्फबारी होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चुनाव प्रचार भी खराब मौसम के चलते प्रभावित हुआ है। 30 अक्तूबर को मंडी संसदीय सीट के उपचुनाव के लिए मतदान होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं को खूब पसीना बहाना पड़ेगा।
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मतदाताओं को वोट देने के लिए मतदान केंद्रों तक पहुंचाना चुनाव आयोग के लिए भी आसान नहीं रहने वाला है। आने वाले दिनों में अगर मौसम खराब होता है तो मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसके अलावा मंडी जिले के कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई है। चुनाव प्रचार के लिए इन क्षेत्रों में पहुंचना भी नेताओं के लिए चुनौती भरा कार्य है। बर्फबारी के चलते इन क्षेत्रों में अगर कम मतदान होता है तो राजनीतिक दलों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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