शिमला: स्थायी नीति नहीं बनने पर व्यवसायिक शिक्षकों ने दी अब हड़ताल की चेतावनी
प्रदेश व्यवसायिक शिक्षक कल्याण संघ के अध्यक्ष यशवंत ठाकुर ने 1100 स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का सरकार से भविष्य सुरक्षित करने की मांग उठाई। सरकार को दस दिन का अल्टीमेटम देते हुए ठाकुर ने मांग पूरी नहीं होने पर पैन डाउन स्ट्राइक करने का एलान किया।
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत व्यवसायिक शिक्षकों ने स्थायी नीति नहीं बनने पर हड़ताल की चेतावनी दी है। शुक्रवार को प्रेस क्लब शिमला में प्रेसवार्ता में प्रदेश व्यवसायिक शिक्षक कल्याण संघ के अध्यक्ष यशवंत ठाकुर ने 1100 स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का सरकार से भविष्य सुरक्षित करने की मांग उठाई। सरकार को दस दिन का अल्टीमेटम देते हुए ठाकुर ने मांग पूरी नहीं होने पर पैन डाउन स्ट्राइक करने का एलान किया। प्रदेश व्यवसायिक शिक्षक कल्याण संघ के अध्यक्ष यशवंत ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2013 में 100 स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा शुरू हुई है।
अब इन स्कूलों का दायरा बढ़कर 1100 हो गया है। करीब दो हजार व्यवसायिक शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। ढाई लाख विद्यार्थी 18 विभिन्न विषयों में रोजगार मुखी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स आधार पर शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। बीते कई वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। सरकार को व्यवसायिक शिक्षकों के लिए स्थायी नीति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दस दिनों के भीतर इस बाबत सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया तो जिला स्तर पर पैन डाउन स्ट्राइक शुरू की जाएगी। इसके बाद आंदोलन को राज्य स्तर पर चलाया जाएगा।