सीएम जयराम बोले- केंद्रीय बजट 2022 सभी राज्यों को आत्मनिर्भर बनाने में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज
मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि यह बजट आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेगा और डिजिटल तकनीक के माध्यम से विकास की प्रक्रिया को समग्र और समावेशी बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे देश के साथ-साथ सभी राज्यों को भी आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज सिद्ध होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तुत बजट को देश की अर्थव्यवस्था देने, किसानों, समाज के कमजोर वर्गों और विकास को नई गति देने की दिशा में एक कारगर दस्तावेज बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेगा और डिजिटल तकनीक के माध्यम से विकास की प्रक्रिया को समग्र और समावेशी बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरे देश के साथ-साथ सभी राज्यों को भी आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज सिद्ध होगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह बजट सड़कें, रेल, हवाई अड्डे, बंदरगाह, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था, जलमार्ग इत्यादि के निर्माण को गति देगा, जिससे हिमाचल प्रदेश को भी इन क्षेत्रों को गति देने में सहायता मिलेगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि बजट में जीरो बजट प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की बात है, जिससे हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार की ओर से 2022-23 के लिए 60,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इससे हिमाचल सरकार को जुलाई 2022 तक प्रदेश के सभी ग्रामीण घरों में पाइप के माध्यम से पीने को पानी पहुंचाने में सहायता मिलेगी।मख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘वाइब्रेंट विलेज’ नाम से एक नई योजना आरंभ करने का प्रस्ताव भी स्वागत योग्य है, क्योंकि इससे प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री का पहाड़ी राज्यों में रोपवे बनाने के लिए केंद्रीय सहायता से एक नई योजना पर्वतमाला शुरू करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बजट में वन स्वीकृतियां शीघ्र प्रदान करने के उद्देश्य से विशेष सुविधा आरंभ करने की वित्त मंत्री की घोषणा का भी आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में वन स्वीकृतियों के कारण लंबित विकासात्मक योजनाओं को शीघ्र आरंभ करने का मार्ग प्रशस्त होगा। जयराम ठाकुर ने नई पेंशन स्कीम के अंतर्गत मिलने वाली कर राहत को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का भी स्वागत किया है। उन्होंने दिव्यांगों तथा उनके माता-पिता को कर में राहत प्रदान करने की घोषणा का भी स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के अंर्तगत एक करोड़ नए लाभार्थियों को 2022-23 के दौरान लाभान्वित करने के प्रस्ताव का भी स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कृषि वानिकी एवं निजी वानिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान भी सराहनीय है। जयराम ठाकुर ने कहा है कि 2022-23 के लिए प्रस्तुत बजट आगामी 25 साल के लिए एक ऐसा दस्तावेज है, जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा सके कि आगामी वर्षों में विकास को इस तरह से मिलेगी कि इससे होने वाले लाभों से कोई भी व्यक्ति वंचित न रहे।
शहरी विकास की योजनाओं में बढ़ा है बजट, हिमाचल को भी होगा लाभ
वहीं, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि केंद्रीय बजट प्रगतिशील और जनता के अनुकूल है। केंद्रीय बजट बुनियादी ढांचे के विकास को गति देगा। अमृत, स्मार्ट सिटी, प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका योजना में आवंटन बढ़ाया है जिसका सीधा लाभ प्रदेशों को भी होगा। शहरी विकास के लिए 76000 करोड़ से अधिक, कृषि के लिए 1 लाख 51 हजार करोड़ से अधिक, ट्रांसपोर्ट के लिए 3 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक का बजट आवंटन हुआ है। उन्होंने कहा कि बजट में भारत के बड़े शहरों में बेहतर शहरी नियोजन का प्रावधान है, जिसमें स्थायी उपायों और सार्वजनिक परिवहन पर ध्यान दिया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में रोपवे और बेहतर सड़क सुविधा के लिए यह बजट कारगर सिद्ध होगा।