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कुल्लू: एक घंटे में पांच हजार टन बर्फ हटाएगा अमेरिकन स्नो कटर, जानें इसकी खासियत
Wed, 16 Feb 2022 11:26 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 16 Feb 2022 11:26 AM IST
सार
सीमा सड़क संगठन ने आधुनिक तकनीक के अमेरिकन स्नो कटर कोडिएक को हाईवे पर उतार दिया है। इसकी क्षमता एक घंटे में पांच हजार टन बर्फ हटाने की है। सामरिक सड़क मार्गों के निर्माण और बर्फ हटाने के लिए बीआरओ आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल कर रहा है।
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बर्फ हटाता स्नो कटर।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सामरिक महत्व के मनाली-लेह मार्ग से अब दोगुना गति से बर्फ की दीवार हटाई जाएगी। इसके लिए सीमा सड़क संगठन ने आधुनिक तकनीक के अमेरिकन स्नो कटर कोडिएक को हाईवे पर उतार दिया है। इसकी क्षमता एक घंटे में पांच हजार टन बर्फ हटाने की है। सामरिक सड़क मार्गों के निर्माण और बर्फ हटाने के लिए बीआरओ आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल कर रहा है।
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जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में करीब 300 किलोमीटर सड़क का दायरा बीआरओ के अधीन है। इसे समय-समय पर बहाल करना पड़ता है। इसमें सामरिक महत्व का 427 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह मार्ग और ग्रांफू-काजा-समदो मार्ग भी शामिल है। सीमा सड़क संगठन ने इस बार मार्च के बजाए फरवरी में लाहौल के अंतिम गांव दारचा से आगे बारालाचा और सरचू की तरफ बर्फ हटाने का काम युद्घस्तर पर शुरू कर दिया है।
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ऐसे में मई की जगह अप्रैल में मनाली-लेह मार्ग यातायात के लिए बहाल हो सकता है। बीआरओ के कमांडर कर्नल शबरीच वाचली ने कहा कि बीआरओ को अमेरिका की कोडिएक कंपनी का आधुनिक स्नो कटर मिला है। जिसको पहली बार दारचा से आगे बारालाचा और सरचू मार्ग को बहाल करने के लिए उतारा है। उन्होंने कहा कि इस स्नो कटर से मनाली-लेह मार्ग समय पर बहाल होगा और इसकी बर्फ हटाने की क्षमता भी पहले वाले स्नो कटर से कहीं अधिक है। आने समय में बीआरओ और आधुनिक तकनीक की मशीनरी का प्रयोग करेगी। उन्होंने कहा कि दारचा से आगे मनाली-लेह मार्ग पर गिरे हुए हिमखंड मिल रहे हैं। मनाली से 153 किलोमीटर दूर करीब 100 मीटर लंबा हिमखंड गिरा है। जिसको स्नो कटर से हटाया जा रहा है।
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