गाड़ी समेत नदी में जा गिरा 4.5 करोड़ का पुल
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हिमाचल के लाहौल स्पीति जिला के मुख्यालय केलांग से करीब 12 किलोमीटर दूर मूलिंग में चंद्रा नदी पर मात्र पांच माह पूर्व 4.5 करोड़ की लागत से बना पुल मंगलवार को अचानक गिर गया। दोपहर बाद हुए हादसे में पुल पर खड़ी एक गाड़ी भी चंद्रा नदी में जा समाई।
अक्तूबर 2014 को इस पुल का लोकार्पण किया गया था, लेकिन पांच माह में ही पुल गिर गया है। पुल गिरने से एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि जनजातीय जिले में विकास कार्य में गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
बतातें चलें कि अमर उजाला में पुल के निर्माण के दौरान ही घटिया सामग्री इस्तेमाल के मामले को प्रमुखता से उठाया था। लेकिन सरकार ने जांच करवाने की बजाय आनन-फानन में पुल का निर्माण कार्य पूरा करके इसे चालू करवा दिया था।
कई गांवों से कट गया संपर्क
इस पुल से मूलिंग पंचायत के चार गांव बरगूल, शिप्टिंग, गवाड़ी और मूलिंग के सैकड़ों लोगों का से केलांग से संपर्क कट गया है। उधर, प्रशासन की हालत ये है कि उन्हें पुल टूटने की जानकारी तक नहीं है। घाटी में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही थी।
यहां पांच से सात फीट तक बर्फ की मोटी परत चढ़ चुकी है। 68 मीटर लंबा यह पुल का कार्य 4.5 करोड़ की लागत हुआ था। मंगलवार दोपहर बाद अचानक गिर गया। जैसे ही हादसे की सूचना लोगों को मिली तो वे मौके पर जुटे। वहीं, क्षेत्र में पिछले दिनों से बिजली और संचार सुविधा भी ठप है।
इस कारण लोग प्रशासन को सूचना नहीं दे पाए। हालांकि, किसी प्रकार से एक्सईएन लोक निर्माण विभाग को इसकी सूचना दी गई। भारी बर्फबारी के कारण लोनिवि के अफसर और प्रशासन का दल वहां नहीं पहुंच पाया है।
बर्फबारी के कारण नहीं पहुंचा प्रशासन
मूलिंग निवासी आदेश ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि उन्होंने गिरा हुआ पुल देखा है। पूरा का पूरा पुल चंद्रा नदी में गिर गया है। हादसे में एक वाहन भी नदी में समा गया है। इधर, लोक निर्माण विभाग के एक्सईन जीएस नेगी ने बताया की हादसे की खबर उन्हें मिली है, लेकिन भारी बर्फ बारी के कारण वह मौके पर नहीं पहुंच पाए हैं।
उन्होंने कहा कि इस पुल के निर्माण पर 4.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता नरेश शर्मा ने बताया कि पुल गिरने की अभी कोई सूचना नहीं मिली है। इसके बाद ही कमेंट किया जा सकता है।
पूर्व मंत्री डा. राम लाल मारकंडेय ने कहा कि भाजपा ने पुल के निर्माण पर पहले ही सवाल उठाए थे। लेकिन सरकार ने जांच करवाने की बजाय विकास का श्रेय लेने के लिए आनन-फानन में पुल का उद्घाटन करवा दिया। पुल चंद माह में ही गिर गया। उन्होंने जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई मांगी। जिला के विधायक रवि ठाकुर का कहना है कि हादसे की जांच की जाएगी। जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।