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सीलबंद पैकेट में निकली खून से सनी सिरिंज, मरीजों में मचा हड़कंप

Sat, 20 Aug 2016 10:13 AM IST
सुमित ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
सुमित ठाकुर/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 20 Aug 2016 10:13 AM IST
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Blooded injection syringe Found at IGMC.

हिमाचल के सबसे बड़े इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में मरीजों की जान से खिलवाड़ का एक और मामला सामने आया है। आईजीएमसी के इमरजेंसी वार्ड में सीलबंद पैकेट में खून से सनी सिरिंज मिली है। इसे मरीज को इंजेक्शन देने से पहले स्टॉफ ने ऐन मौके पर पकड़ा।

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बताया जा रहा है अस्पताल प्रबंधन की ओर से अनुबंधित की गई कंपनी की ओर से दिए गए स्टॉक में खून से सनी सिरिंज मिली है। मामला सामने आने के बाद स्टॉफ में नहीं बल्कि मरीजों में भी हड़कंप मच गया है। मरीज सरकारी स्टॉक लेने से कतरा रहे हैं।
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अस्पताल प्रबंधन मामले को लेकर खामोश बैठा है, लेकिन जब अमर उजाला ने मामले को गंभीरता से उठाया तो खून से सनी सिरिंज के सैंपल लेकर जांच की बात कही है। इससे प्रबंधन की कार्यप्रणाली में सवाल उठना तय है।

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पहले भी मिल चुकी है शिकायतें, प्रशासन बचा रहा

Blooded injection syringe Found at IGMC.

प्रबंधन ही टेंडर आवंटित करता है। टेंडर के दौरान प्रबंधन के अलावा विभागों के विभागाध्यक्ष यहां मौजूद रहते है। प्रबंधन ने अक्तूबर माह में टेंडर को अवार्ड कर दिया था। उसके बाद से ही ठेकेदार ने सप्लाई देनी शुरू कर दी।

मौजूदा समय में भी उसी ठेकेदार के पास सप्लाई है और मांग के मुताबिक सिरिंज अस्पताल भेज रहा हैं। इधर अस्पताल में भी अभी तक कई मर्तबा इन सिरिंजों में खामियां पाई गई है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बनकर बैठा हुआ हैं।

दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन पहले सिरिंज की सैंपलिंग करेगा और दोषी होने पर उस कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।- डॉ. राहुल राव, - डिप्टी एमएस, आईजीएमसी

कमेटी करती है सैंपलों को पास

Blooded injection syringe Found at IGMC.
आईजीएमसी - फोटो : फाइल फोटो

अस्पताल में टेंडर के दौरान पांच सदस्यीय कमेटी सैंपलों को चेक करती है। पूरी तरह अलग अलग सैंपलों की जांच पड़ताल के बाद ही कम पैसे में वह इन्हें खरीदने की मंजूरी देती है।

अक्तूबर में किया टेंडर हैंडओवर
अस्पताल प्रबंधन टेंडर संबंधी सभी औपचारिकता साल 2015 में पूरी होने के बाद अक्तूबर माह से हैंडओवर कर दिया था।

पहले भी आ चुके हैं मामले
अस्पताल में खून से सनी सिरिंज के अलावा वार्ड में भी सिरिंज के टूटने संबंधी शिकायत प्रबंधन के पास पहुंची थी। हालांकि अभी तक किसी पर भी कोई कार्रवाई सामने नही आई है।

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