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विधानसभा: सदन में गूंजे तबादले-शौचालय के मुद्दे, विपक्ष का वॉकआउट

Fri, 03 Mar 2017 10:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 03 Mar 2017 10:26 AM IST
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BJP WalkOut on Irrigation Scheme Report at HP Vidhan Sabha.

हिमाचल विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन वीरवार को विपक्ष आक्रामक नजर आया। सिंचाई योजनाओं पर दिए जवाब में सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया। खुले में शौचमुक्त अवार्ड मिलने पर सवाल उठाने वाले विपक्ष को सीएम वीरभद्र सिंह ने एक महीने में बचे-खुचे शौचालय बनाने का आश्वासन देकर शांत किया

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मगर सिंचाई योजनाओं पर किए सवाल में कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया की अनुपस्थिति में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के जवाब को विपक्ष ने गुमराह करने वाला बताया। इससे असंतुष्ट विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह बोले, गुमराह किया है तो विपक्ष उनके खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाए। 
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प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन 11 बजे शुरू हुआ प्रश्नकाल पहले शांतिपूर्वक चलता रहा, लेकिन हिमाचल को खुले में शौचमुक्त अवार्ड मिलने और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनाओं पर लगे सवालों के सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने हंगामा खड़ा कर दिया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनाओं में देरी पर देहरा के भाजपा विधायक रविंद्र सिंह रवि और कुल्लू से भाजपा विधायक महेश्वर सिंह के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सिंचाई योजनाओं को मंजूरी नहीं दे रही है।
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इस पर भाजपा विधायक रविंद्र सिंह रवि और महेंद्र सिंह ने राज्य सरकार पर केंद्र को अधूरी डीपीआर और दस्तावेज भेजने के आरोप लगाए। इसी मुद्दे पर गलत जवाब आने की बात कर विपक्ष ने वाकआउट करने का एलान किया। लगभग 11 बजकर 50 मिनट पर भाजपा के विधायक सदन से नारेबाजी करते हुए बाहर चले गए। इसके बाद वे 12 बजे सदन के भीतर आए।

इसके बाद ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा के बीच भी शोर-शराबा होता रहा। बाद में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चालू वित्त वर्ष के अतिरिक्त बजट प्रावधान की 3936 करोड़ रुपये अनुपूरक मांगों के विनियोग विधेयक को सदन में रखा। इन मांगों के विधेयक को सदन में सत्ता पक्ष के ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके बाद करीब एक बजे सदन की कार्यवाही शुक्रवार के लिए स्थगित कर दी गई। 

तबादला नियमों के खिलाफ तैनात कर्मचारी होंगे ट्रांसफर

BJP WalkOut on Irrigation Scheme Report at HP Vidhan Sabha.

हिमाचल में तबादला नियमों के विपरीत अपने घरों के आसपास डटे अधिकारी और  कर्मचारी अब ट्रांसफर होंगे। विशेष परिस्थितियों में ही कर्मचारी अपने गृह ब्लॉक में रह सकेंगे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह  ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब  में साफ कर दिया कि नियमों के विपरीत जो  कर्मचारी सरकार उनके  खिलाफ उचित कदम उठाएगी।

भाजपा विधायक विक्रम सिंह के सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि प्रदेश में दो हजार से ज्यादा कर्मचारी अपने गृह जिले, होम ब्लॉक या साथ लगते ब्लॉक में काम कर रहे हैं। प्रश्नकाल के दौरान जरियाल ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र भटियात में कानूनगो को गृह पंचायत में ही तैनात कर दिया है। यहीं नहीं कई अधिकारी और कर्मचारी ऐसे हैं जो अपने ही ब्लॉक में डटे हैं। 

2339 कर्मचारी डटे हैं गृह क्षेत्र में
विभिन्न सरकारी विभागों में 2339 कर्मचारी ऐसे हैं जो गृह जिले, गृह ब्लॉक और साथ लगते ब्लॉक में नौकरी कर रहे हैं। गृह जिले में तैनात ऐसे कर्मचारियों की संख्या 574, गृह ब्लॉक में 975 और साथ लगते ब्लॉक में 790 है। 

इन महकमों के कर्मचारी डटे हैं घर के पास
पशुपालन, आयुर्वेद, उपायुक्त बिलासपुर, उपायुक्त हमीरपुर, मंडी, शिमला, सिरमौर, चंबा, उपायुक्त लाहौल स्पीति, मंडलायुक्त कांगड़ा, निर्वाचन विभाग, मत्स्य, वन, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण, गृह रक्षा, उद्यान, सूचना व जनसंपर्क विभाग, भाषा, कला व संस्कृति, चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान, पंचायतीराज, मुख्य वास्तुकार लोनिवि, महिला व बाल विकास, अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग व अल्प संख्यक मामले, नगर योजना, उद्योग, आईपीएच, ग्रामीण विकास, आवासीय आयुक्त पांगी, कोष लेखा एवं लाटरी और राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। हर विभाग से 10 से 12 कर्मचारी व अधिकारी अपने गृह क्षेत्र में डटे हैं। 

एक माह के भीतर हर घर में होगा शौचालय: वीरभद्र 

BJP WalkOut on Irrigation Scheme Report at HP Vidhan Sabha.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में एक महीने के भीतर हर घर में शौचालय होगा। विधानसभा में वीरवार को हिमाचल के खुला शौच मुक्त होने पर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवाल के जवाब में सीएम ने यह बात कही। विपक्ष ने सदन में कहा कि प्रदेश सरकार ने गलत आंकड़े पेश कर अवार्ड लिया है।

जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हो सकता है कि कुछेक क्षेत्र खुला शौच मुक्त न हों। इनको जल्द खुला शौच मुक्त किया जाएगा। उन्होंने पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा, उपायुक्तों और बीडीओ को निर्देश दिए कि वह एक महीने के भीतर सभी क्षेत्रों में शौचालय बनवाएं। 
विधायक संजय रतन ने प्रश्नकाल के दौरान पंचायतों में विकास कार्यों में देरी का मामला  उठाते हुए कहा कि सीमेंट न होने से पंचायतों में काम रुके पड़े हैं। प्लानिंग हेड का पैसा बीडीओ के पास पड़ा है, लेकिन इसका उपयोग नहीं हो रहा है।

उन्होंने इस पैसे को दूसरे कार्यों में खर्चने और ओपन मार्केट से सीमेंट खरीदने की मांग की। इस बीच, विधायक राजीव बिंदल ने कहा कि प्लानिंग हेड में दर्शाया गया है कि सिरमौर में इसके तहत 21 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, जबकि स्थिति यह है कि मौके पर 50 हजार के काम नहीं हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय के निर्माण के लिए पैसा जारी हुआ, लेकिन लोग आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं।

भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मनरेगा कामगारों को 3 साल से अदायगी नहीं हुई है। पैसा खर्च करने के लिए टाइम बाउंड की जरूरत है। पंचायतीराज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को ऑनलाइन पेमेंट की जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से यह पैसा उनके एकाउंट में डाला जा रहा है। अगर किसी दिहाड़ीदार को मजदूरी नहीं मिली है, वह इसकी सूची दें। जल्द पैसा मिलेगा।

मेरे और मंत्रियों के दिल्ली दौरे में कोई बड़ा सीक्रेट नहीं : वीरभद्र 

BJP WalkOut on Irrigation Scheme Report at HP Vidhan Sabha.

सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनके दिल्ली के दौरे में कोई बड़ा भारी सीक्रेट नहीं है और न ही इसमें कोई रॉकेट साइंस है। इसी सत्र में इसका उचित जवाब दे दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने जैसे ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की घोषणा की कि इसी बीच नयना देवी के विधायक रणधीर शर्मा अपनी सीट पर खड़े हो गए।

उन्होंने कहा कि उनका प्रश्न वर्ष 2014 से लेकर चल रहा है। यह सुनकर हैरानी होती है कि दिसंबर 2014 के विंटर सेशन में उन्होंने प्रश्न दिया था, तबसे लेकर आज तक हर सत्र में सूचना एकत्रित की जा रही है। इस सूचना को एकत्र करने में बजट सत्र में तीन विंटर सेशन और दो मानसून सत्र निकल गए।

उनका प्रश्न केवल इतना था कि एक जनवरी 2013 से लेकर 31 अक्तूबर 2014 तक मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने कितने दिल्ली प्रवास किए हैं। वर्ष 2014 का प्रश्न आज वर्ष 2017 में भी लगा है और सरकार यही कह रही है कि सूचना एकत्रित की जा रही है।

फिर क्यों यह विधानसभा सत्र और प्रश्नकाल चलते हैं? इस पर स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने कहा कि वे इस मामले की पड़ताल करेंगे। रणधीर शर्मा ने कहा कि वीरवार को यही प्रश्न अतारांकित लगा हुआ है और आज भी यही कहा जा रहा है कि सूचना एकत्रित की जा रही है। 
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इस मामले पर वीरभद्र-धूमल में नोकझोंक, बिंदल पर ली चुटकी

BJP WalkOut on Irrigation Scheme Report at HP Vidhan Sabha.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के बीच हिमाचल खुला शौच मुक्त अवार्ड पर नोकझोंक हुई। धूमल ने कहा कि हिमाचल को खुला शौच मुक्त कर दिया गया है लेकिन वास्तव में स्थिति यह है कि लोग अभी भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। हिमाचल में पीलिया फैला हुआ है। इसके कई मामले सामने आए हैं।

पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा के जवाब देने के बीच जब धूमल अपनी सीट पर खडे़ हुए तो मुख्यमंत्री ने अनिल को बैठने को कहा और खुद जवाब देने लगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल का मुआयना किया है। उसके बाद ही हिमाचल को खुला शौच मुक्त का अवार्ड मिला है। वीरभद्र ने धूमल की ओर इशारा कर कहा - यह अवार्ड आपकी ही सरकार ने दिया है।  

तो बताइए, एक अरब में कितने करोड़ होते हैं 
नोकझोंक के बीच धूमल ने वीरभद्र सिंह की ओर इशारा कर कहा - आप पांच दिन के लिए मुख्यमंत्री बने, आपने वो टर्म भी गिन ली। इस बारे में सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा - ठीक है, ठीक है। धूमल ने कहा कि डीसी और बीडीओ के पास अरबों का पैसा पड़ा है। जब सीएम ने कहा कि ये अरबों में नहीं है तो धूमल ने कहा कि वे बताएं कि एक अरब में कितने करोड़ होते हैं। 

कैमरा लेकर खड्डों में जाते होंगे बिंदल : वीरभद्र
भाजपा विधायक राजीव बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिला के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जो खुला शौच मुक्त नहीं हुए हैं। लोग खड्डों पर शौच करने के लिए जाने को मजबूर हैं। डीसी को इसके फोटो दिए गए हैं। इस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विधायक राजीव बिंदल को पता है कि कौन-कौन लोग खुले में शौच करने जाते हैं। ये मौके पर कैमरा लेकर खड़े होते होंगे। मुख्यमंत्री के ऐसा कहने पर सदन में खूब ठहाके लगे।

खुले में शौचमुक्त पर केंद्र से आपत्ति करे भाजपा : वीरभद्र

BJP WalkOut on Irrigation Scheme Report at HP Vidhan Sabha.

सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि अगर भाजपा को हिमाचल को खुले में शौचमुक्त घोषित करने से आपत्ति है तो इसे केंद्र सरकार से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र की टीम आई है, उसी ने इसका परीक्षण किया है। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सही राजनीति नहीं कर रही है। भाजपा नेताओं को तो इस बात पर गर्व होना चाहिए कि प्रदेश को इसके लिए पुरस्कार मिला है।

सीएम ने विधानसभा परिसर में कहा कि  नशाखोरी हिमाचल में बढ़ी नहीं है बल्कि इस पर कार्रवाई बढ़ी है, क्योंकि इसके ज्यादा मामले पकड़े गए हैं। प्रदेश सरकार ने हर क्षेत्र में नशाखोरी को रोकने के लिए कदम उठाए हैं। जहां भी भांग की खेती होती थी, उसे भी नष्ट किया गया है।

इसके लिए सुनियोजित तरीके से अभियान चलाए गए हैं। सीएम ने कहा कि विपक्ष की पंचायतों में पैसा खर्च नहीं करने की बात गलत है।कहीं-कहीं यह बात हो सकती है। सब जगहों पर नहीं। उन्होंने कहा कि लावारिस कुत्तों का वैक्सीनेशन और स्टेरलाइजेशन किया जा रहा है।

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