बिलासपुर: भाजपा विधायक नैहरिया पर पत्नी ने फिर लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप
धर्मशाला से भाजपा विधायक विशाल नैहरिया के तलाक का मामला भले ही कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन उनकी पत्नी ओशिन शर्मा ने एक बार फिर मीडिया के सामने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बिलासपुर के परिधि गृह में प्रेस वार्ता कर उन्होंने कहा कि मैं भी धर्मशाला की हूं। मुझे भी जीने दिया जाए। मुझे भी जीने का अधिकार है।
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हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से भाजपा विधायक विशाल नैहरिया के तलाक का मामला भले ही कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन उनकी पत्नी ओशिन शर्मा ने एक बार फिर मीडिया के सामने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि शारीरिक प्रताड़ना खत्म हुई तो अब उन्हें मानसिक तौर पर परेशान किया जा रहा है। आरोप लगाया है कि उनके पति अपने दोस्तों की मदद से शादी का वीडियो और कुछ नए-पुराने वीडियो यू-ट्यूब पर डलवा रहे हैं। मौजूदा समय में वह एचएएस प्रोवेशनर ऑन डिस्टिक अटैचमेंट के पद पर हैं। मानसिक परेशानी की वजह से अपने दायित्व नहीं निभा पा रही हैं।
परिधि गृह में प्रेस वार्ता कर उन्होंने कहा कि मैं भी धर्मशाला की हूं। मुझे भी जीने दिया जाए। मुझे भी जीने का अधिकार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मांग की कि धर्मशाला में सत्ता के दुरुपयोग को रोका जाए। एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है तो दूसरी ओर बेटियां घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हैं। वह भी उन बेटियों में से एक है, जो अपने पति व उनके परिवार के सदस्यों द्वारा प्रताड़ित व घरेलू हिंसा से पीड़ित है। वहीं, विधायक विशाल नैहरिया ने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। उन्हें फैसले का इंतजार है। वह इस मसले पर और कुछ नहीं कहना चाहते हैं।
ये भी लगाए आरोप
ओशिन ने कहा - गत वर्ष जून में उनके पति व परिवार के सदस्यों द्वारा न केवल उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया बल्कि मारपीट भी की गई थी। उसके बाद उन पर पुलिस में की गई एफआईआर वापस लेने का दबाव डाला गया। उन्होंने इसलिए एफआईआर वापस ली थी क्योंकि उन्हें उनके पति ने दस वर्ष तक तलाक नहीं देने की बात कही थी। हालांकि, यह मामला अभी न्यायालय में लंबित है। फिर भी उनके पति द्वारा परेशान किया जा रहा है। कहा कि प्रोवेशनरी पीरियड पर वह जोगिंद्रनगर, हमीरपुर में रहीं, तब भी उन्हें परेशान किया गया था। हिप्पा में प्रशासनिक अधिकारी के प्रशिक्षण के दौरान भी उन्हें बेवजह तंग किया गया, जिस कारण उन्हें शिमला के ढली थाने में शिकायत दर्ज करवानी पड़ी थी।