फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   BJP leader Satyapal jain press conference in shimla in himachal pradesh

हमने मानवता को देखा, वोट बैंक तो कांग्रेस देखती है : सत्यपाल जैन

Mon, 30 Dec 2019 07:30 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 30 Dec 2019 07:30 PM IST
विज्ञापन
BJP leader Satyapal jain press conference in shimla in himachal pradesh
- फोटो : अमर उजाला

भाजपा के केंद्रीय नेता और पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने कहा है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम में भाजपा ने मानवता देखी है, वोट बैंक तो कांग्रेस देखती है। कांग्रेस हिंसा की राख में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। वह कांग्रेसियों से विनती करते हैं कि वे देश को डराएं नहीं और न ही भ्रम में डालें। सत्यपाल जैन ने सोमवार को आशियाना शिमला में पत्रकार वार्ता कर नागरिकता संशोधन अधिनियम पर स्थिति स्पष्ट की। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य सत्यपाल जैन ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय का ही नागरिकता एक्ट बना हुआ है, उसी में संशोधन किया गया है।

विज्ञापन


इसमें बाहरी देशों से आए ऐसे लोगों को 11 साल बाद नागरिकता देने का प्रावधान था। भाजपा ने केवल इतना किया है कि अब इसे पांच साल किया है। इसी अधिनियम में बाहर से आने वाले लगभग सभी धर्म के लोगों को भी नागरिकता देने का अधिकार है, वे भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पहले की तरह ठोस कारण देखे जाएंगे। यह नागरिकता कानून किसी के खिलाफ नहीं है।
विज्ञापन


इससे किसी को डरने की जरूरत नहीं है। हिंदुस्तान में किसी की नागरिकता पर कोई असर नहीं होने वाला है। यह संशोधन नागरिकता देने के लिए है, लेने के लिए नहीं है। जिनको नागरिकता दी जा रही है, यह वे लोग हैं जिनके साथ पाकिस्तान, बांग्ला देश और अफगानिस्तान में अन्याय हुआ है। इससे हिंदुस्तान के 130 करोड़ नागरिकों की नागरिकता पर कोई असर नहीं होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


चाहे वे किसी भी धर्म हिंदू, मुसलिम, सिख, ईसाई, हिंदू, जैन आदि से संबंधित हों, उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह प्रचार गलत है कि बाप-दादा का नाम पूछा जाएगा और बाहर निकाला जाएगा। यह धर्मनिरपेक्षता नहीं है। ऐसा कहना गलत है। यह वे पांच संप्रदायों के लोग हैं, जिनको नागरिकता दी गई है।

यह वे लोग हैं, जिनके साथ पाकिस्तान में अमानवीय अत्याचार हुए हैं। उनके बच्चों का अपहरण हुआ है। उनकी बहू-बेटियों को अपमानित किया गया है और पाकिस्तान में जिनकी संख्या 23 प्रतिशत से कम होकर तीन प्रतिशत रह गई है। यह लोग कम से कम पांच साल पहले भारत में आए हुए हैं। इन्हें मानवीय आधार पर नरेंद्र मोदी ने नागरिकता देने का निर्णय सुनाया है।  

मैं भी गया था पाकिस्तान, म्यूजियम में स्वतंत्रता सेनानियों के फोटो तक नहीं 
सत्यपाल जैन ने कहा-मैं भी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान गया था। वहां म्यूजियम में स्वतंत्रता सेनानियों के फोटो तक नहीं हैं। भगत सिंह को जहां फांसी दी गई थी, उस जगह को जमींदोज किया गया है। 

सरकार ने लाखों महिलाओं को नए साल की सौगात दी : पायल 
भाजपा की प्रदेश सचिव पायल वैद्य ने जयराम सरकार के कैबिनेट में लिए फैसलों का स्वागत किया है। कहा कि जयराम सरकार ने देवभूमि की लाखों महिलाओं को नए साल की सौगात दी है। राज्य लोक सेवा आयोग और राज्य कर्मचारी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं के लिए महिलाओं की फीस माफ कर दी गई है। 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शनिवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में फैसला लिया गया है कि भर्ती परीक्षा के लिए अब महिलाओं से शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण के लिए इस साल 15 अगस्त पर यह घोषणा की थी।

पायल ने कहा कि बैठक में यह भी फैसला लिया गया है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौवीं और दसवीं कक्षा के सामान्य श्रेणी के करीब 65 हजार विद्यार्थियों को भी पाठ्यक्रम की किताबें मुफ्त दी जाएंगी।


अभी तक पहली से आठवीं तक के सभी बच्चों को सरकार मुफ्त किताबें उपलब्ध करवाती थी। नौवीं-दसवीं के आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों को ही मुफ्त किताबें दी जाती रही हैं। नौवीं कक्षा में करीब 84 हजार और दसवीं में 80 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed