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भाजपा बोली, सरकार के इशारे पर काम कर रहे चुनाव आयुक्त, पद से हटाए जाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 11 May 2017 08:54 AM IST
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शिमला शहर के विधायक सुरेश भारद्वाज ने राज्य चुनाव आयुक्त पी. मित्रा को तुरंत प्रभाव से हटाने की वकालत की है। प्रेस वार्ता के दौरान भारद्वाज ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि पी. मित्रा ने सरकार के इशारे पर नगर निगम चुनाव को आगे सरका दिया। चुनाव आयोग के इस फैसले से सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या हुई है।
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उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर को क्लीन चिट देते हुए सुरेश भारद्वाज ने कहा कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों के लिए पूरी तरह से प्रदेश चुनाव आयोग जिम्मेदार है, इसमें जिला प्रशासन की कोई गलती नहीं है। वीरभद्र सरकार ने सोची समझी रणनीति बनाकर चुनाव को टाल दिया। इसकी एक वजह सीबीआई अदालत में विचाराधीन केस भी है जिसको लेकर उन्हें पेश होने के लिए समन जारी किए गए हैं।
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चुनाव आगे सरकाने का सबसे बड़ा कारण रिज मैदान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली है जिससे देखकर कांग्रेस की हवाइयां उड़ गई हैं। इसलिए चुनाव को टालने में ही भलाई समझी। भारद्वाज ने पी. मित्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के मुख्य सचिव से सेवानिवृत्त होते ही इन्हें राज्य चुनाव आयुक्त के पद पर बिठा दिया।
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चुनाव आयुक्त होने के बावजूद मुख्यमंत्री के कार्यालय में जा रहे हैं। असंवैधानिक तरीके से ऑर्डर पास कर रहे हैं। प्रदेश सरकार को रिटायर्ड और टायरड अफसर चला रहे हैं। कानून से इनका कोई मतलब नहीं। जो सरकार सही तरीके से अब तक मतदाता सूचियां नहीं बना सकी उन्हें पद पर बैठने का कोई अधिकार नहीं, इन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
नगर निगम चुनाव की अवधि पूरी होने पर इसे एक दिन के लिए भी नहीं बढ़ाया जा सकता, लेकिन यहां इलेक्शन कमीशन सरकार का विभाग बनकर रह गया है सरकार जो चाह रही है, वही किया जा रहा है। प्रदेश सरकार अपने ही विधायकों की कोई पूछ नहीं ले रही है।
कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह का नाम लेते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में नगर निगम के बारह वार्ड हैं वह भी चुनाव चाहते थे लेकिन सरकार के आगे उनकी भी एक भी नहीं चली। भाजपा पहले ही अंदेशा जता रही थी कि कांग्रेस सरकार हार के डर से निगम चुनाव को टालने की तैयारी कर रही है यह आशंका बिल्कुल सही साबित हुई। इस पूरे मुद्दे पर भाजपा राज्यपाल से मिलकर पूरी स्थिति से अवगत करवाएंगे और कानूनी पहलुओं पर भी विचार कर रहे हैं।
भाजपा ने डीसी ऑफिस के बाहर की नारेबाजी
एमसी चुनाव टालने के विरोध में भाजपा ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। भाजपा ने सीटीओ से शेरे पंजाब तक आक्रोश रैली निकाली। रैली की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजय सूद ने की और उनके साथ शिमला विधायक सुरेश भारद्वाज मौजूद थे।
संजय सूद ने कहा कि भाजपा प्रदेश चुनाव आयुक्त से वोटर लिस्टों में गड़बड़ी को लेकर 30 दिन पहले मिल चुकी है। सरकार के विभिन्न अफसरों को इस गलती के बारे में अवगत भी करवा चुकी है। इससे यह पता चलता है कि चुनाव टालना एक सोची समझी साजिश है।