{"_id":"6000526b24c1cf20110fd40b","slug":"bird-flu-crows-found-dead-in-kangra-sirmaur-94-more-migratory-birds-dead-in-pong-area","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्ड फ्लू: कांगड़ा-सिरमौर में मृत मिले कौवे, पौंग क्षेत्र में 94 और विदेशी परिंदों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्ड फ्लू: कांगड़ा-सिरमौर में मृत मिले कौवे, पौंग क्षेत्र में 94 और विदेशी परिंदों की मौत
Thu, 14 Jan 2021 09:29 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला/नाहन/पांवटा साहिब
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला/नाहन/पांवटा साहिब
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 14 Jan 2021 09:29 PM IST
विज्ञापन
सिरमौर में मृत मिला पक्षी।
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के पौंग बांध क्षेत्र में पिछले दो दिनों में विदेशी परिंदों के मरने का सिलसिला कुछ हद तक कम हुआ है। गुरुवार को यहां 94 विदेशी परिंदों ने दम तोड़ा। अब तक इस क्षेत्र में मरने वाले विदेशी पक्षियों का आंकड़ा 4836 पहुंच गया है। पौंग बांध के किनारे 11 कौवों की भी मौत हो गई है, जिसका कारण बर्ड फ्लू है। बर्ड फ्लू से मरने वाले स्थानीय कौवों का आंकड़ा भी अब 171 पहुंच गया है। पशुपालन विभाग की ओर से गठित टीमों की मदद से स्थानीय पक्षियों को सुरक्षित ढंग से निपटाया जा रहा है ताकि अन्य पक्षियों में फ्लू का संक्रमण न फैल सके।
विज्ञापन
वहीं, सिरमौर जिले के माजरा, धौलाकुआं व पांवटा के लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में दो दिनों से कुछ कौवे मृत मिले हैं। इनको कब्जे में लेकर दफना दिया गया है। कौलावालांभूड इलाके में वन्य पक्षी जंगल वेवलर और रूफस स्ट्रीपाई मृत पाए गए हैं। माजरा में मिले मृत कौवों के सैंपल जांच के लिए जालंधर भेजे गए हैं। गुरुवार को तीन कौवे माजरा क्षेत्र और लोक निर्माण विभाग पांवटा परिसर में एक कौवा मृत मिला है। बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए जिला सोलन से भेजे मृत मुर्गे-मुर्गियों के सैंपलों की सटीक रिपोर्ट विभाग को नहीं मिली है। सैंपलों को दोबारा जांच के लिए जालंधर से भोपाल की निशाद लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चलेगा।
विज्ञापन
140 रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात
राज्य के पशुपालन विभाग के निदेशक अजमेर सिंह डोगरा ने बताया कि बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने को प्रदेश में कुल 140 रैपिड रिस्पांस टीमें जिलों में तैनात की गई हैं। इनमें से 120 आरआर टीमें पशुपालन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की बनाई गई हैं। ये टीमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं। दस आरआर टीमें वन विभाग की गठित की गई हैं और इनमें वन विभाग के कुल 53 कर्मी तैनात हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल पोल्ट्री फार्म के मुर्गों और मुर्गियों में बर्ड फ्लू नहीं पाया गया है। इन पोल्ट्री फार्म से टीमें सैंपल ले रही हैं।
विज्ञापन