मशीन खराब, अभी भी टनल में फंसे हैं मजदूर
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पिछले नौ दिनों से टनल में फंसे मजदूरों की रविवार को बाहर निकलने की हर कोई उम्मीद लगाए बैठा था लेकिन ड्रिलिंग मशीन में आई तकनीकी खराबी और खराब मौसम ने पानी फेर दिया है। शनिवार रात को खराब हुई पाइलिंग मशीन रविवार रात तक ठीक नहीं हो पाई थी।
इससे जहां टनल में फंसे मजदूरों की परेशानी बढ़ गई है वहीं बाहर परिजन भी चिंतित हो गए हैं। उधर, रविवार को बारिश होने से मजदूरों को बाहर निकालने के लिए पहाड़ में किए होल में पानी भर गया है। टनल के अंदर भी पानी भरने की सूचना है। बाहर कीचड़ फैलने से रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत हो रही है।
दिन भर चला मशीन की रिपेयरिंग का काम लेकिन कुछ नहीं बना
जिला प्रशासन और रेस्क्यू टीम के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। मंजिल के करीब पहुंचकर राजस्थान से मंगवाई गई आधुनिक ड्रिलिंग मशीन जवाब दे गई। शनिवार रात को मशीन में लगा हाइड्रोलिक पंप खराब हो गया था। इसे दिल्ली से मंगवाया गया। सुबह पंप पहुंच गया, लेकिन इसके फिट करते ही मशीन की चेन में खराबी आ गई।
दिन भर मशीन की रिपेयरिंग का कार्य चलता रहा लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। कीचड़ और मूसलाधार बारिश में भी मजदूर और इंजीनियर डटे रहे। ड्रिलिंग मशीन से 39 मीटर तक होल किया जा चुका है। इसमें 15 मीटर तक पानी भर गया है। टुल्लू पंप लगाकर पानी निकाला गया है।
अब हैंडपंप की खुदाई वाली मशीन मंगाई
टीहरा में फंसे मजदूरों को निकालने का प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है लेकिन मशीनें जवाब दे रही हैं। अब होल के कंकरीट वाले हिस्से को ड्रिल करने के लिए हैंडपंप की खुदाई वाली मशीन मंगाई गई है। देर शाम मशीन पहुंच गई थी। उपायुक्त बिलासपुर मानसी सहाय ठाकुर ने कहा कि मशीन में खराबी आई है।
बारिश के बावजूद रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। मजदूरों को बाहर निकालने के लिए किए होल में पानी भरने से बाधा आई। डॉक्टरों की राय के अनुसार फंसे मजदूरों को खाद्य सामग्री दी जा रही है। मजदूरों को निकालने के लिए एनडीआरएफ टीमें तैयार हैं। जैसे ही ड्रिलिंग का कार्य पूरा होगा, टीम अपने नवीनतम उपकरणों से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटेगी।