फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Bilaspur Bus Accident: Shaurya survived the accident safely, his mother, Aayushi kept calling out for her fath

Bilaspur Bus Accident: बस की सीट के नीचे से भाई-बहन परिजनों को लगा रहे थे आवाज, ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाले

Thu, 09 Oct 2025 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 09 Oct 2025 05:00 AM IST
सार

भल्लू पुल पर बस हादसे के बाद जोरदार धमाके से पूरा क्षेत्र हिल गया। यह इतना जोरदार था कि आसपास के घरों में बर्तन गिर गए और कुछ मकानों के कांच तक टूट गए।

विज्ञापन
Bilaspur Bus Accident: Shaurya survived the accident safely, his mother, Aayushi kept calling out for her fath
श्मशान घाट पर शौर्य ने मां की चिता को दी मुखाग्नि । - फोटो : संवाद

विस्तार

बरठीं के नजदीक भल्लू पुल पर बस हादसे के बाद जोरदार धमाके से पूरा क्षेत्र हिल गया। यह इतना जोरदार था कि आसपास के घरों में बर्तन गिर गए और कुछ मकानों के कांच तक टूट गए। लोगों ने सोचा जैसे कोई भूकंप आया हो। सबसे पहले भल्लू गांव के हनी पटियाल, लखबीर, विवेक, हनी पटियाल के पास काम करने वाले देव और निखिल घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां पहुंचते ही उन्होंने देखा कि सड़क पर भारी मलबा जमा है और उसके भीतर बस का पिछला हिस्सा ही नजर आ रहा था।

विज्ञापन


उन्होंने तुरंत आसपास के अन्य ग्रामीणों को फोन किया। कुछ ही मिनटों में सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए। बस पूरी तरह मलबे में दबी हुई थी, लेकिन भीतर से बच्चों की चीखें सुनाई दे रही थीं। कुछ ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए बस के दरवाजे के हिस्से से रास्ता बनाकर अंदर झांका और वहां दो छोटे बच्चे शौर्य और आरुषि जिंदा मिले। दोनों भाई-बहन सहमे हुए थे। शौर्य अपनी मां को पुकार रहा था और आयुषी लगातार पापा… पापा… चिल्ला रही थी।

विज्ञापन

रात भर चला रेस्क्यू,एक-एक कर निकले शव
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। रात भर राहत कार्य चलता रहा। हर चट्टान के नीचे से किसी न किसी यात्री का शव मिल रहा था। करीब आधी रात तक बस का अधिकांश हिस्सा बाहर निकाला जा चुका था, लेकिन राहत कार्य बुधवार सुबह तक जारी रहा।

ग्रामीणों ने दिखाई मानवता की मिसाल
स्थानीय लोगों ने राहत कार्यों में कंधे से कंधा मिलाकर प्रशासन की मदद की। वे पूरी रात मौके पर डटे रहे। उन्होंने एनडीआरएफ और पुलिस कर्मियों के लिए भोजन, पानी और चाय तक की व्यवस्था की। कई लोग अपने घरों से टॉर्च, कंबल और उपकरण लेकर पहुंचे ताकि अंधेरे में बचाव कार्य में मदद मिल सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed