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राजनीति: हिमाचल प्रदेश के सियासी खेल में हरियाणा के नेताओं का अहम दखल
Mon, 12 Dec 2022 01:59 PM IST
अरविन्द ठाकुर
राजनीति: हिमाचल प्रदेश के सियासी खेल में हरियाणा के नेताओं का अहम दखल
राजनीति: हिमाचल प्रदेश के सियासी खेल में हरियाणा के नेताओं का अहम दखल
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 12 Dec 2022 01:59 PM IST
सार
हिमाचल में कांग्रेस इस बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई, लेकिन गुटबाजी के कारण सरकार गठन में और मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनाने में बड़ा पेंच था। कांग्रेस हाईकमान ने इसे भांपते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनाने का जिम्मा सौंपा।
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा, भूपेश बघेल (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में सरकार किसी भी दल की बने, उसके गठन में हरियाणा का अहम योगदान रहता है। वर्तमान कांग्रेस की सरकार और मुख्यमंत्री के चयन करने में जहां नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अहम भूमिका रही। वहीं, 24 साल पहले 1998 भाजपा-हिमाचल विकास पार्टी की गठबंधन सरकार बनाने में वर्तमान में हरियाणा के मुख्यमंत्री और तत्तकालीन भाजपा के संगठन मंत्री मनोहर लाल का खासा योगदान रहा था।
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हिमाचल में कांग्रेस इस बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई, लेकिन गुटबाजी के कारण सरकार गठन में और मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनाने में बड़ा पेंच था। कांग्रेस हाईकमान ने इसे भांपते हुए हिमाचल की रग-रग से वाकिफ नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनाने का जिम्मा सौंपा। उनकी ड्यूटी बतौर पर्यवेक्षक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ लगाई गई। हुड्डा ने कूटनीतिक तरीके से विधायकों को एकजुट कर पुराने मित्र सुखविंद्र सिंह के नाम पर मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनाई और विरोधी धड़े को भी शांत किया।
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वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी मुकेश अग्निहोत्री को उप मुख्यमंत्री बनाने पर भी सभी को राजी किया। कांग्रेस को विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका भी थी, लेकिन मात्र दो दिनों में ही मुख्यमंत्री का नाम तय कर और शपथ ग्रहण कराकर हुड्डा ने अपनी राजनीतिक सुझबूझ का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर छिड़े विवाद को लेकर हाईकमान को भी चिंता थी, लेकिन हुड्डा ने इस मामले को बड़ी आसानी से और दो बैठकों में हल कर हाईकमान की चिंता कम की।
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