केलांग: नाइजीरिया में नाविकों के साथ फंसे लाहौल के भीष्म, परिजन चिंतित
अफ्रीका महाद्वीप के गिनी में पकड़े गए 16 भारतीय नाविकों में से एक हिमाचल के लाहौल-स्पीति के इंजीनियर भी शामिल हैं। तीन महीने गिनी में हिरासत में रखने के बाद गुरुवार को इन नाविकों को नाइजीरिया के हवाले कर दिया गया है।
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अफ्रीका महाद्वीप के गिनी में पकड़े गए 16 भारतीय नाविकों में से एक हिमाचल के लाहौल-स्पीति के इंजीनियर भी शामिल हैं। तीन महीने गिनी में हिरासत में रखने के बाद गुरुवार को इन नाविकों को नाइजीरिया के हवाले कर दिया गया है। पकड़े गए नाविकों में इंजीनियर भीष्म प्राण सिंह कटोच लाहौल के बरगुल गांव के रहने वाले हैं। हिरासत में कई नाविक मलेरिया और अन्य बीमारी की चपेट में गए हैं। इस बीच गिनी से इन नाविकों ने इंटरनेट के जरिये भारत में अपने परिजनों से संपर्क कर हालात की जानकारी दी। भीष्म प्राण सिंह कटोच के पिता प्रताप कटोच ने बताया कि बेटे को लेकर परिवार बेहद चिंतित है।
वहीं लाहौल-स्पीति के सेवानिवृत्त और सेवारत सरकारी उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों ने मामले को विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया है। लाहौल-स्पीति से ताल्लुक रखने वाले जम्मू-कश्मीर पूर्व मुख्य सचिव एसएस कपूर, मेघालय के पूर्व मुख्य सचिव केएस क्रोफा, गुजरात के पूर्व डीजीपी पीएल ठाकुर, मेघालय के पूर्व डीजीपी प्रेम परशीरा, पूर्व निदेशक विश्व स्वास्थ्य संगठन दक्षिण पूर्व एशिया डॉ. जेपी नारायण ने मामले में दखल के लिए केंद्र और राज्य सरकार को पत्र लिखा है। भीष्म प्राण सिंह कटोच के पिता प्रताप कटोच ने केंद्र सरकार से अपील की है कि मामले में हस्तक्षेप करें।