राकेश टिकैत बोले- सेल फॉर इंडिया की तरफ जा रही है सरकार
- पांवटा साहिब में गरजे किसान नेता, बोले- केंद्र सरकार के मंसूबे सही नहीं
- कृषि कानूनों के खिलाफ जारी रहेगा किसानों का आंदोलन
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भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत ने पांवटा साहिब के हरिपुर टोहाना में किसान महापंचायत में कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार अंग्रेजों से भी खतरनाक है। धीरे-धीरे हिमाचल की बागवानी पर पूरी तरह के कब्जा करने के लिए चक्रव्यूह रचा गया है। धीरे-धीरे सेल फॉर इंडिया की तरफ सरकार बढ़ती जा रही है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य की पर्यटन पॉलिसी बननी चाहिए। स्थानीय ट्रांसपोर्टर को ट्रांसपोर्ट सब्सिडी मिले। किसान नेता ने पांवटा साहिब के हरिपुर टोहाना में कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा पर हमला बोला।
टिकैत ने कहा कि तीन कृषि कानून थोपने वाली भाजपा सरकार के मंसूबे ठीक नहीं हैं। देश में सरकार के नाम पर लूट करने वाले लुटेरों को भगाना होगा। केंद्र सरकार का काम मंदिर बनाना नहीं है। सरकार जनता को स्वास्थ्य, सड़कें और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को नही दे पा रही है। गुजरात मे सरदार वल्लभ भाई स्टेडियम को मोदी स्टेडियम का नाम दे दिया गया। अगर आतंक और भय देखना है तो गुजरात जाकर देखो। उत्तराखंड में मोदी मैदान को किसानों की महासभा के बाद किसान मैदान नाम रख दिया। हिमाचल के किसानों को भी दबाया जा रहा है। किसान आंदोलन के लिए सरकार और प्रशासन कभी भी अनुमति नही देंगे।
केंद्र ने रचा हिमाचल की बागवानी पर कब्जा करने का चक्रव्यूह
राकेश टिकैत ने कहा कि देश में सरकार के नाम पर लूटेरों को भगाने के लिए एकजुट होना होगा। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य की पर्यटन पॉलिसी बननी चाहिए। स्थानीय ट्रांसपोर्टर को ट्रांसपोर्ट सब्सिडी मिले। टिकैत ने कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा सरकार पर जमकर जुबानी हमले किए। महापंचायत में उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के किसान शामिल हुए।
अब तो ट्रिपल-टी से ही बचेगा देश
टिकैत ने किसान महापंचायत में कहा कि किसान आंदोलन को केंद्र सरकार शाहीन बाग मत समझें। आज केवल ट्रिपल-टी से देश बच सकेगा। जिसमें देश की सीमा पर जवानों के पास टैंकर, युवाओं के हाथों में ट्यूटर और किसान के हाथ ट्रैक्टर से किसानों के इस संघर्ष में सफलता मिल पाना संभव है।
कोरोना नहीं रोक सकता आंदोलन
टिकैत ने कहा कि देश में किसानों के आंदोलन जारी रहेगा। कोरोना भी आंदोलन को नहीं रोक सकता है। कोविड- गाइडलाइन का पालन करते हुए आंदोलन जारी रहेगा।
अडानी-अंबानी ईस्ट इंडिया कंपनी का नया वर्जन: बाजवा
पांवटा के हरिपुर टोहाना में किसान महापंचायत में संबोधित करते हुए किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी का नया वर्जन अडानी-अंबानी के रूप में आ चुका है। भाजपा केवल सत्ता हथियाने तक ही सीमित है। आंदोलन को हिमाचल में नई दिशा मिली रही है। सरकार को चुनते वक्त जनता ज्यादा नहीं सोचती, पर केंद्र सरकार ने तीन काले कानून बनाते हुए किसानों के बारे में कुछ ज्यादा नहीं सोचा।
उन्होंने आह्वान किया कि युवा वर्ग और किसान सुबह, दोपहर और रात में एक-एक संदेश सोशल मीडिया पर किसान आंदोलन के पक्ष में जरूर डालें। हिमाचल किसान नेता कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि इस संघर्ष में अब तक 300 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं। हिमाचल मेें सेब फल, अदरक, सब्जियों, अनाज और दुग्ध उत्पादक परेशान हैं। हरियाणा के युवा किसान नेता मनदीप सिंह के कहा कि गिरफ्तारी और संघर्ष से डरे नहीं। किसानों की भीड़ सत्ता को कुर्सी से उतार देगी। अपने हक के लिए लाठीचार्ज भी मंजूर है।