भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन: गिट्टी रहित ट्रैक के लिए चार टनलों में स्लैब कार्य पूरा
इस साल के अंत तक पंजाब और हिमाचल प्रदेश के हिस्से में 20 किलोमीटर ट्रैक बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। सबसे पहले टनल के भीतर गिट्टी रहित ट्रैक बिछाया जाएगा। अक्तूबर तक शेष तीन टनल में धरोट तक स्लैब कार्य पूरा हो जाएगा।
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भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन के पहले 20 किलोमीटर में बन रही सात टनलों में से चार में गिट्टी रहित ट्रैक बिछाने के लिए स्लैब कार्य पूरा हो गया है। इस साल के अंत तक पंजाब और हिमाचल प्रदेश के हिस्से में 20 किलोमीटर ट्रैक बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। सबसे पहले टनल के भीतर गिट्टी रहित ट्रैक बिछाया जाएगा। अक्तूबर तक शेष तीन टनल में धरोट तक स्लैब कार्य पूरा हो जाएगा। भानुपल्ली से धरोट तक के 20 किलोमीटर में साल के अंत तक ट्रैक बिछा दिया जाएगा। उसके बाद धरोट से पहाड़पुर तक पुलों और टनलों का कार्य पूरा होने के बाद वहां ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू होगा।
इस ट्रैक पर ट्रेन की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। बिलासपुर तक 52 और बैरी तक के 63.1 किलोमीटर के ट्रैक को 10-10 किलोमीटर के पैच में बनाया जाएगा। परियोजना में एक से सात, नौ, 15 और 16 नंबर टनल के दोनों छोर मिल चुके हैं। अन्य टनलों का निर्माण कार्य जारी है। रेललाइन की दूसरी सबसे बड़ी आठ नंबर टनल के दोनों छोर साल 2024 में मिल जाएंगे। भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेललाइन में 26 छोटे-बड़े पुल और 20 टनल बनाई जाएंगी। 16 टनलों का काम शुरू हो चुका है, जिनमें से 10 के दोनों छोर मिल चुके हैं।
केंद्र सरकार कोशिश में है कि बिलासपुर तक इस परियोजना को 2024 में ही पूरा कर दिया जाए, ताकि लोकसभा चुनाव तक यहां ट्रेन पहुंच सके। टनलों में स्लैब और 20 किलोमीटर तक बन रहे पुलों का कार्य पूरा होने के बाद इसमें ट्रैक बिछाने के लिए टेंडर जारी होगा। इसमें 10 किलोमीटर पंजाब और 10 किलोमीटर ट्रैक हिमाचल प्रदेश के क्षेत्र में बिछना है।
ऑस्ट्रेलिया की कंपनी ने डिजाइन किया है गिट्टी रहित ट्रैक
परियोजना की टनलों में गिट्टी रहित ट्रैक ऑस्ट्रेलिया की कंपनी ने डिजाइन किया है। इसके कंपोनेंट की टेस्टिंग जर्मनी से हुई है। गिट्टी रहित या स्लैब ट्रैक बिछाने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे टनल के अंदर के ट्रैक का रखरखाव मुफ्त होगा। इस ट्रैक में गिट्टी वाले ट्रैक की तरह टनल के अंदर नमी भी नहीं होगी।
भानुपल्ली से धरोट तक बन रही सात टनलों में ट्रैक के लिए स्लैब बिछाने का कार्य जोरों पर है। 1-4 नंबर टनल तक कार्य पूरा हो चुका है। इनकी कुल लंबाई ढाई किलोमीटर है। तीन टनल में करीब चार किलोमीटर पर स्लैब बिछाने का कार्य शुरू किया गया है, इसे अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। - अशफाक हुसैन अंसारी, संयुक्त महाप्रबंधक, रेल विकास निगम