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हिमाचल के गबरू की फिल्म को मिला बेस्ट फिल्म अवार्ड
अभिषेक सोनी/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Sat, 18 Jun 2016 02:18 PM IST
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बेस्ट फिल्म अवार्ड प्रापत करते फिल्म मेकर सिद्धार्थ चौहान।
- फोटो : अमर उजाला
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शिमला के फिल्म मेकर सिद्धार्थ चौहान की लघु फिल्म ‘पापा’ ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म अवार्ड हासिल किया है। फिल्म को यह अवार्ड केरला में कलचरित्रा अकादमी की ओर से आयोजित इंटरनेशनल डाक्यूमेंटरी एंड शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल (आईडीएसएफएफके-2016) में मिला है। 10 से 14 जून तक आयोजित इस फिल्म फेस्टिवल में शॉर्ट फिल्म कैटेगिरी में करीब 30 लघु फिल्में दिखाई गईं, जिसमें से ‘पापा’ को बेस्ट फिल्म के अवार्ड से नवाजा गया।
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ज्यूरी में शामिल केयू मोहनन, बरबारा लोरे, निष्ठा जैन, कमल स्वरूप, विनोद सुकुमारन तथा ज्यूरी हेड हैनरी ने फिल्म की कहानी की जमकर प्रशंसा की। सिक्रेट कोरीडोर पिक्चर्स के बनैर तले बनाई गई इस फिल्म की कहानी भी निर्देशक सिद्धार्थ चौहान ने स्वयं लिखी है। 25 वर्षीय सिद्धार्थ चौहान अभी तक करीब चार शॉर्ट फिल्में बना चुके हैं।
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उनके मुताबिक पापा फिल्म को बीते अक्तूबर माह में शिमला में मात्र छह दिन में शूट किया गया था। यू-ट्यूब व सोशल मीडिया पर फिल्म के प्रोमो को दर्शकों ने खूब पंसद किया है। सिद्धार्थ मूलत: शिमला के जाखू के रहने वाले हैं। 2013 में उन्होंने एचपीयू से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। सिद्धार्थ ने अपनी अगली प्रोडक्शन के लिए भी तैयारी शुरू कर दी है।
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मां-बेटे के इर्द-गिर्द घूमती है कहानी
अमर उजाला से बातचीत में सिद्धार्थ चौहान ने बताया कि 28 मिनट की इस लघु फिल्म की कहानी एक मां व बेटे के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया है कि पिता की मौत के बाद बेटे पर कितनी जिम्मेवारियां पड़ जाती हैं। समस्या उस समय अधिक गंभीर हो
जाती है, जब मां भी चलने-फिरने लायक नहीं रहती। फिल्म में बेटे का किरदार निभाने वाले पालमपुर (कांगड़ा) के मोहित सिंह परमार के अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। जबकि सुषमा और नंदिता अरॉन ने भी अपने किरदार को बखूबी निभाकर दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी है।
Published by Arvind Thakur