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स्कूल में आई अजीब सी आफत, क्लास छोड़ भागे बच्चे, 40 घायल

Sun, 21 Aug 2016 02:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ज्वालामुखी (कांगड़ा)
ब्यूरो/अमर उजाला, ज्वालामुखी (कांगड़ा) Updated Sun, 21 Aug 2016 02:23 PM IST
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Bees Attack on School Students at Kangra, Himachal.
यह मामला हिमाचल के जिला कांगड़ा का है। - फोटो : अमर उजाला

सीनियर सेकंडरी स्कूल में अभी कक्षाएं ही चल रही थी कि अचानक अजीब सी आफत आ गई। छात्रों में भगदड़ मच गई और 40 छात्र जख्मी हो गए। इन्हें अस्पताल लाना पड़ा। वहीं, स्कूल ने भी आनन फानन में छुट्टी कर दी।

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यह मामला हिमाचल के जिला कांगड़ा का है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर के करीब 35 से 40 छात्रों को स्कूल में रंगड़ों (मधुम‌क्‍खी) ने काट लिया। कुछेक विद्यार्थी बुरी तरह से घायल हो गए हैं। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
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रंगड़ों के हमले के बाद छात्रों में हड़कंप मच गया। करीब 2:15 बजे स्कूल में बने रंगड़ों के छत्ते को किसी ने छेड़ दिया। इसके बाद रंगड़ों ने स्कूल परिसर में बैठे विद्यार्थियों पर हमला कर दिया। स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में छुट्टी कर दी लेकिन विद्यार्थियों को अस्पताल नहीं पहुंचाया।

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अस्पताल पहुंचाए गए छात्र, कटघरे में स्कूल प्रशासन

Bees Attack on School Students at Kangra, Himachal.
परिजनों और टैक्सी चालकों ने छात्रों को अस्पताल पहुंचाया - फोटो : अमर उजाला

परिजनों और टैक्सी चालकों ने छात्रों को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की टीम ने गंभीर रूप से घायल बच्चों का अस्पताल में इलाज किया। उसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। अस्पताल में करीब आधा दर्जन बच्चे प्रिया, शिवानी ठाकुर, अक्षय, अभिषेक कुमार और अन्य छात्रों का अस्पताल में इलाज किया गया।

अभिभावकों सुरिंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों को स्कूल प्रबंधन को अस्पताल में पहुंचाना चाहिए था लेकिन स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को अकेला छोड़ दिया। एसएमसी प्रधान राकेश कुमार ने कहा कि सोमवार को अभिभावकों से बातचीत की जाएगी। अभिभावकों को आरोप है कि बच्चे जब स्कूल में थे तो रंगड़ों का छत्ता क्यों छेड़ा गया।

बच्चों के जाने के बाद इसे हटाया जाना चाहिए था। पंचायत प्रधान रामलोक धनोटिया ने अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चों का कुशलक्षेम पूछा। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही बताई। स्कूल प्रिंसिपल देशराज शर्मा ने कहा कि अभिभावकों के आरोपों की उचित जांच कर निर्णय लिया जाएगा। स्कूल प्रबंधन हमेशा छात्रों के हित में काम करता है।

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