{"_id":"6787b268274d921a9d05a03a","slug":"beeo-will-inspect-every-government-school-in-the-district-shimla-news-c-19-sml1001-472021-2025-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: जिले में हर सरकारी स्कूल का निरीक्षण करेंगे बीईईओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: जिले में हर सरकारी स्कूल का निरीक्षण करेंगे बीईईओ
विज्ञापन
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने बीईईओ को दिए निर्देश, रिक्त पदों पर शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करने के निर्देश
हर माह उपनिदेशक के साथ होगी अब बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक निशा भलूनी ने सभी 21 शिक्षा खंडों के प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। भलूनी बुधवार को वर्चुअल मोड से हुई बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने हाल ही में उपनिदेशक का कार्यभार संभाला है।
उन्होंने सभी खंडों के बीपीईओ (ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर) से फील्ड में सक्रिय होकर कार्य करने को कहा। हर स्कूल का दौरा कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने, स्कूलों के ढांचागत और मरम्मत कार्यों का जायजा लेकर नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुनियादी शिक्षा में गुणवत्ता के लिए विशेष प्रयास करें। ऐसा करने पर ही सरकारी स्कूलों में आम जनता का विश्वास बढ़ेगा और अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में न भेजकर सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए आगे आएंगे। बीईईओ स्वयं विकास कार्यों और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर सरकार के फैसलों के अनुसार उठाए कदमों का आकलन और अवलोकन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि शिक्षा में गुणवत्ता उनकी प्राथमिकता है, जिसे पूरा करने में सभी अधिकारियों के सहयोग की आवश्यकता है।
समय पर पूरा करें लंबित कार्य
कोर्ट केस, विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, परीक्षा पर चर्चा, कार्य उपयोगिता प्रमाण पत्र, उल्लास एवं अन्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से सुलझाने का प्रयास करें। उपनिदेशक ने कहा कि उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय द्वारा प्रत्येक माह सभी खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। भलूनी ने बीईईओ से कोई भी सरकारी प्राथमिक स्कूल बिना शिक्षक के न रहे, यह सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए समय रहते शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करेंगे। कहा कि जिले के 1424 प्राथमिक, 244 मिडल स्कूलों, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के साथ चल रहे मिडल स्कूलों के हर बच्चे को बेहतर और गुणात्मक शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों पर सरकार द्वारा किए जा रहे खर्च का लाभ आम बच्चे को मिले इसके लिए कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हर माह उपनिदेशक के साथ होगी अब बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक निशा भलूनी ने सभी 21 शिक्षा खंडों के प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। भलूनी बुधवार को वर्चुअल मोड से हुई बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने हाल ही में उपनिदेशक का कार्यभार संभाला है।
उन्होंने सभी खंडों के बीपीईओ (ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर) से फील्ड में सक्रिय होकर कार्य करने को कहा। हर स्कूल का दौरा कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने, स्कूलों के ढांचागत और मरम्मत कार्यों का जायजा लेकर नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुनियादी शिक्षा में गुणवत्ता के लिए विशेष प्रयास करें। ऐसा करने पर ही सरकारी स्कूलों में आम जनता का विश्वास बढ़ेगा और अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में न भेजकर सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए आगे आएंगे। बीईईओ स्वयं विकास कार्यों और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर सरकार के फैसलों के अनुसार उठाए कदमों का आकलन और अवलोकन करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि शिक्षा में गुणवत्ता उनकी प्राथमिकता है, जिसे पूरा करने में सभी अधिकारियों के सहयोग की आवश्यकता है।
विज्ञापन
समय पर पूरा करें लंबित कार्य
कोर्ट केस, विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, परीक्षा पर चर्चा, कार्य उपयोगिता प्रमाण पत्र, उल्लास एवं अन्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से सुलझाने का प्रयास करें। उपनिदेशक ने कहा कि उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय द्वारा प्रत्येक माह सभी खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। भलूनी ने बीईईओ से कोई भी सरकारी प्राथमिक स्कूल बिना शिक्षक के न रहे, यह सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए समय रहते शिक्षकों की अस्थायी व्यवस्था करेंगे। कहा कि जिले के 1424 प्राथमिक, 244 मिडल स्कूलों, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के साथ चल रहे मिडल स्कूलों के हर बच्चे को बेहतर और गुणात्मक शिक्षा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों पर सरकार द्वारा किए जा रहे खर्च का लाभ आम बच्चे को मिले इसके लिए कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन