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बजट सत्र में सदन शांति से चलाने के लिए बैठक में बुलाए वीरभद्र-धूमल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 28 Feb 2017 12:04 AM IST
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हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र को शांतिपूर्वक तरीके से चलाने के लिए स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। मंगलवार को चार बजे प्रस्तावित बैठक में विस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल को विशेष रूप से बुलाया है।
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बीबीएल बुटेल ने यह जानकारी सोमवार को राज्य विधानसभा परिसर में प्रेस गैलरी कमेटी की बैठक में दी। एक मार्च से वीरभद्र सरकार के इस कार्यकाल के आखिरी बजट सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। बुटेल ने कहा कि वे सत्ता पक्ष और विपक्ष से अनुरोध करेंगे कि सदन की कार्यवाही को चलाने में सहयोग करें।
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प्रदेश की बारहवीं विधानसभा का बजट सत्र एक मार्च से राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण से शुरू होगा। इसमें कुल 21 बैठकें होंगी। इस सत्र में चार दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए रखे हैं। वित्त मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री 10 मार्च को बजट अनुमान वित्तीय वर्ष 2017-18 पर चर्चा करेंगे।
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27 से 30 मार्च के बीच बजट अनुमान की मांगों पर चर्चा और मतदान होगा। 30 मार्च को विनियोग विधेयक को पारित किया जाएगा। दो बैठकें नौ मार्च और छह अप्रैल को गैर सरकारी सदस्य कार्य के लिए निर्धारित हैं। इनमें 396 तारांकित और 165 अतारांकित प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं।
इनमें 166 तारांकित और 88 अतारांकित प्रश्नों की सूचनाएं ऑनलाइन मिलीं। प्रश्नों को नियमानुसार सरकार को अगली कार्रवाई को भेजा जा रहा है। नियम 62 में एक, नियम 101 में तीन और नियम 130 में 1 सूचना मिली है।
इस तरह के सवाल मिले
प्रश्नों में जो सूचनाएं मिली हैं, वे मुख्य रूप से प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, नाबार्ड के तहत मंजूर सड़कों की डीपीआर, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों आदि का उन्नयन करने, विभिन्न विभागों में रिक्तियों को भरने, भाजपा चार्जशीट पर अग्रिम कार्रवाई करने और 14वें वित्तायोग की ओर से पंचायतों को दी जा रही धनराशि आदि से संबंधित हैं।
विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित मुख्य मुद्दों को भी प्रश्नों के माध्यम से उजागर किया। इनमें मुख्य रूप से विधायक प्राथमिकता सड़कें, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य योजनाओं की डीपीआर आदि की स्थिति है।
निर्दलीय विधायकों पर नो कमेंट
निर्दलीय विधायकों के खिलाफ भाजपा विधायकों की ओर से की गई याचिका पर कोई भी जवाब देने से बुटेल ने इनकार किया।