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Himachal: पहले सरकारी स्कूलों में वार्षिक समारोहों के आयोजन पर रोक लगाई, फिर कुछ घंटों बाद वापस लिया फैसला

Thu, 23 Feb 2023 06:46 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 23 Feb 2023 06:46 PM IST
सार

 प्रदेश में गुरुवार को सरकारी स्कूलों में वार्षिक कार्यक्रमों के आयोजनों पर रोक लगाई गई और कुछ ही घंटों में इस फैसले को पलट भी दिया गया। उच्च शिक्षा निदेशक ने जैसे ही कार्यक्रमों के आयोजनों पर रोक का आदेश निकाला तो यह सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो गया। 

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First banned the organization of annual functions in govt schools, then the decision whithdran
उच्च शिक्षा निदेशालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को सरकारी स्कूलों में वार्षिक कार्यक्रमों के आयोजनों पर रोक लगाई गई और कुछ ही घंटों में इस फैसले को पलट भी दिया गया। उच्च शिक्षा निदेशक ने जैसे ही कार्यक्रमों के आयोजनों पर रोक का आदेश निकाला तो यह सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो गया। इसके बाद कुछ ही घंटों में इस आदेश को पलट दिया गया। पहले आदेश क्यों निकाला और बाद में इसे क्यों पलटा गया, इस संबंध में राज्य सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय ने गोलमोल तरीके से ही स्थिति स्पष्ट की है।

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गुरुवार को राज्य सरकर के उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने गुरुवार को पहले सभी उप निदेशकों को आदेश जारी किए कि प्रदेश में उनके कार्य क्षेत्र में आने वाले सभी स्कूलों में वार्षिक कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया। सभी उपनिदेशकों को कहा गया कि एक हफ्ते के भीतर इस संबंध में निदेशालय को भी सूचित किया जाए। यह सूचना ई-मेल से देने को कहा गया। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने यह भी टिप्पणी की कि इस आदेश को अति महत्वपूर्ण माना जाए। इस संबंध में कोई भी कार्रवाई उच्च प्राथमिकता से की जाए। इन आदेशों को शिक्षा सचिव के ध्यान में भी लाया गया।
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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत सिंह शर्मा ने कहा कि आजकल परीक्षाओं का दौर शुरू है तो ऐसे में इस बारे में आदेश निकाले गए थे, मगर जब बाद में यह सूचना मिली कि हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों के स्कूलों में वार्षिक कार्यक्रम हो चुके हैं तो इसे वापस ले लिया गया। उन्होंने कहा कि सभी वार्षिक कार्यक्रम स्कूलों की प्रबंधन समितियों की ओर से करवाए जाते हैं तो ऐसे में यह पाया गया कि इसमें विभाग के आदेश की कोई जरूरत नहीं है। इसलिए आदेश वापस ले लिए गए।
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नई सरकार बनने के बाद उठा था मुद्दा
दिसंबर में जैसे ही नई कांग्रेस सरकार चुनकर आई तो उस वक्त भी विंटर क्लोजिंग स्कूलों
में वार्षिक समारोहों को आयोजित करने का दौर चला हुआ था। उस वक्त एक मुद्दा यह भी उठा था कि पिछली सरकार के ही कई पुराने नुमाइंदों को कार्यक्रमों में बुलाया जा रहा था। इससे भी सभी उपनिदेशकों को आंतरिक व्हाट्सएप ग्रुप में उपनिदेशकों की इजाजत के बगैर वार्षिक कार्यक्रम नहीं करवाने के आदेश दिए गए थे। वर्तमान में भी चर्चा है कि हो सकता है कि इसी तरह का कोई मुद्दा सामने आया हो।



पहले जारी निर्देश


फिर वापस लिया फैसला

 
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