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नौकरी छोड़ने वाले डॉक्टरों के लिए बुरी खबर, पढ़ें

Tue, 02 Jun 2015 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 02 Jun 2015 09:10 AM IST
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bad news for doctors.

हिमाचल में सरकारी नौकरी छोड़ने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों पर प्रदेश सरकार ने शिकंजा कस दिया है। प्रदेश सरकार बीच में नौकरी छोड़ने वाले डॉक्टरों से अब बांड की रकम रिकवर करेगी। चिकित्सकों के लगातार सरकारी नौकरी छोड़ने के मद्देनजर सरकार ने यह फैसला लिया है।

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एमबीबीएस के बाद सरकारी नौकरी के बीच पीजी के लिए डॉक्टरों से 25 लाख एवं डीएम के लिए 40 लाख का मनी बांड भरवाया जाता है। इस बीच इन डॉक्टरों को सरकार की ओर से वेतन मिलता रहता है। पीजी में प्रवेश भी इन्हें आसानी से मिलता है। प्रदेश सरकार के खर्च पर पीजी करने के बाद भी ऐसे कई डॉक्टर नौकरी छोड़ रहे हैं।
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तीन वर्ष में ही ऐसे 50 से ज्यादा डॉक्टर नौकरी छोड़ चुके हैं। इनसे सरकार की ओर से बांड मनी भी रिकवर नहीं की गई। अब मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए हैं कि बीच में नौकरी छोड़ने वाले ऐसे डॉक्टरों की सूची तैयार कर उनसे बांड मनी रिकवर करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि ऐसे डॉक्टरों की बांड मनी रिकवर करने के लिए अफसरों को कहा गया है।
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प्रदेश में डॉक्टरों के 400 पद खाली
हिमाचल में डॉक्टरों के 400 से अधिक पद खाली पड़े हैं। एनएचएम की गाइड लाइन के अनुसार सूबे के 78 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 156 बाल रोग और स्त्री रोग विशेषज्ञ होने चाहिए। लेकिन इनमें एक विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। प्रदेश के 66 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे है, जहां कोई डॉक्टर नहीं है।

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