कुल्लू: औट-बंजार-सैंज हाईवे बहाल, छह दिन बाद जलोड़ी दर्रा से दौड़ीं एचआरटीसी बसें
समुद्रतल के 10280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा से गुजरने वाले हाइवे पर बसें चलने से हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। एनएच अथॉरिटी ने कड़ी मशक्कत के बाद हाइवे से बर्फ हटाकर मार्ग को खोला। हालांकि, दर्रा होकर छोटे वाहन तीन दिन से दौड़ रहे थे। हाइवे पर फिसलन होने से बसें नहीं चलाई गई थीं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिछले सप्ताह ताजा बर्फबारी के बाद बंद औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 बसों के लिए बहाल हो गया है। शनिवार को कुल्लू से निगम की तीन रूटों पर बसें रवाना हुईं। इससे आनी-निरमंड की 69 पंचायतों के साथ किन्नौर, रामपुर, शिमला के करसोग क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी। समुद्रतल के 10280 फीट ऊंचे जलोड़ी दर्रा से गुजरने वाले हाईवे पर बसें चलने से हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। एनएच अथॉरिटी ने कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे से बर्फ हटाकर मार्ग को खोला। हालांकि, जलोड़ी दर्रा होकर छोटे वाहन तीन दिन से दौड़ रहे थे। हाईवे पर फिसलन होने से बसें नहीं चलाई गई थीं। खासकर बड़ानाला की तरफ से स्थिति अभी भी वाहनों के लिए खतरनाक बनी हुई है।
छह दिसंबर को जिले के ऊपरी इलाकों के साथ जलोड़ी दर्रा में भी बर्फ गिरने से जिला मुख्यालय कुल्लू से कुल्लू-बागासराहन, कुल्लू-बागीपुल, कुल्लू-रामपुर, कुल्लू-थनोग तथा कुल्लू-आनी बस सेवा ठप हो गई थी। लोग मीलों पैदल चलने पर मजबूर थे। टैक्सियों में भारी-भरकम किराया देना पड़ रहा था। भाग चंद, निक्का राम, केहर सिंह, दुनी चंद, प्रेम सिंह, लाल चंद, जगदीश ठाकुर तथा सुंदर सिंह ने कहा कि बस सेवा से रोज सैकड़ों लोग जिला मुख्यालय के लिए आवाजाही करते हैं। सर्दी के मौसम में बाह्य सराज के लोगों को परेशान होना पड़ता है। सरकार को इसके लिए विकल्प के लिए जल्द जलोड़ी टनल का निर्माण करना चाहिए। एनएच-305 के अधिशासी अभियंता केएल सुमन ने कहा कि बर्फ हटाकर दर्रा को खोल दिया है। एचआरटीसी कुल्लू के अड्डा प्रभारी टेक चंद ने कहा कि निगम की दो बसें आनी में फंस गई थीं, उन्हें निकाल लिया गया है। शनिवार से कुल्लू से बसों का संचालन शुरू कर दिया है।