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सौ खनन पट्टे नीलाम करेगी सरकार, हर साल सौ करोड़ आमदनी
Thu, 26 Sep 2019 12:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 26 Sep 2019 12:39 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
सरकार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सौ साइटों के खनन पट्टे नवंबर में नीलाम करेगी। ये खनन पट्टे जिला सिरमौर, बिलासपुर, कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना में नीलाम किए जाएंगे। अब तक तक तीन सौ खनन पट्टे नीलाम किए जा चुके हैं। खनन पट्टे नीलाम करने से हर साल तीन सौ करोड़ का राजस्व सरकारी खजाने में जा रहा है। जनजातीय जिला किन्नौर और लाहौल स्पीति से पंचायतों की एनओसी न मिलने से खनन पट्टों की नीलामी लटकी है।
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छह जिलों में सरकार करीब सौ साइटों को खनन पट्टों की नीलामी नवंबर में करने वाली है। इससे हर साल करीब सौ करोड़ का राजस्व सरकार जुटाएगी। वैसे सरकार ने जनजातीय जिले किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी जरूरत के अनुसार पांच- पांच साइटों का चयन कर लिया है।
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इन दोनों जिलों में सरकार चाहते हुए भी खनन के लिए साइटों की नीलामी नहीं कर पा रही है। इन दोनों जिलों में साइटों की नीलामी करने से पहले क्षेत्र की पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। पंचायतों से एनओसी न मिलने के कारण दोनों जिलों में अभी तक कोई साइट नीलाम नहीं हो सकी है।
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स्टेट जियोलॉजिस्ट पुनीत गुलेरिया ने बताया कि छह जिलों में सौ साइटों की नीलामी नवंबर में की जानी है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी साइटें खनन पट्टे के लिए नीलाम करनी हैं लेकिन वहां पर स्थानीय पंचायतों से अनापत्ति प्रमाणपत्र न मिलने के लिए नीलामी नहीं हो पाएगी। खनन से सरकार को अभी तीन सौ करोड़ सालाना राजस्व मिल रहा है। सौ साइटों की नीलामी होने के बाद यह राजस्व बढ़कर चार सौ करोड़ पहुंच जाएगा।